विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स

इसरो ने RISAT-2BR1 उपग्रह को सफलतापूर्वक लांच किया

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने  RISAT-2BR1 नामक उपग्रह को श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लांच किया। यह SDSC-SHAR (Satish Dhawan Space Centre  or Sriharikota Range) से किया जाने वाला 75वां लांच था, जबकि यह PSLV का 50वां लांच था। इस उपग्रह को PSLV-C48 द्वारा लांच किया गया। इस लांच व्हीकल में RISAT-2BR1 के अलावा 9 कमर्शियल सैटलाइट भी प्रक्षेपित किये गये। यह RISAT श्रृंखला का दूसरा उपग्रह है, पहले उपग्रह को इसी वर्ष लांच किया गया था।

मुख्य बिंदु

यह लांच इसरो के PSLV (पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल) का 50वां मिशन है। इस लांच में RISAT-2BR1 के साथ 9 कमर्शियल उपग्रह भी लांच किये जायेंगे, इसमें 6 अमेरिका, तथा एक-एक उपग्रह इटली, इजराइल और जापान से हैं।

RISAT श्रृंखला

20 अप्रैल, 2009 को RISAT-2 को कक्षा में स्थापित किया गया था। इसके बाद RISAT-1 को 26 अप्रैल, 2012 को लांच किया गया था, इसे पांच वर्ष के लिए प्रक्षेपित किया गया था। इसे PSLV-C19 द्वारा 536 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया था।

महत्व

RISAT उपग्रह पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह हैं, यह सभी प्रकार के मौसम में अपना कार्य कर सकते हैं। यह उपग्रह निगरानी के लिए सिंथेटिक अपर्चर राडार (SAR) का उपयोग करते हैं। यह उपग्रह दिन और रात में काम कर सकते हैं, इसके द्वारा ख़राब मौसम में भी निगरानी की जा सकती है। सीमा पर घुसपैठ पर नज़र बनाये रखने के लिए यह उपग्रह सेना के लिए काफी उपयोगी है।

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नासा ने विश्व के सबसे शक्तिशाली राकेट का अनावरण किया

अमेरिकी अन्तरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में मानव इतिहास के सबसे शक्तिशाली राकेट का अनावरण किया। इस राकेट को स्पेस लांच सिस्टम (SLS) नाम दिया गया है। इस राकेट की ऊंचाई 212 फीट है। यह राकेट 23 मैक की गति (28,400 किलोमीटर प्रति घंटा) की गति हासिल कर सकता है। इस राकेट का उपयोग संभवतः आर्टेमिस मिशन में किया जायेगा।

आर्टेमिस मिशन

इस मिशन के तहत नासा अंतरिक्षयात्रियों को चन्द्रमा पर भेजेगा। इस मिशन में आठ लांच शामिल हैं। ARTEMIS का पूर्ण रूप “Acceleration, Reconnection, Turbulence and Electrodynamics of the Moon’s Interaction with the Sun” है। नासा 2020 में चन्द्रमा के लिए आर्टेमिस 1 मिशन भेजगा, इसमें अंतरिक्षयात्री नहीं होंगे। इसके बाद आर्टेमिस 2 मिशन भेजा जायेगा, यह 2022 में क्रू के साथ चन्द्रमा की परिक्रमा करेगा। इसके बाद आर्टेमिस 3 मिशन भेजा जायेगा, इस मिशन के द्वारा 2024 में अंतरिक्षयात्रियों को चन्द्रमा पर भेजा जायेगा, इसमे महिला अंतरिक्षयात्री भी होंगी। यह तीनो मिशन सबसे बड़े राकेट स्पेस लांच सिस्टम  के द्वारा लांच किये जायेंगे।

नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन)

नासा अमेरिकी सरकार की स्वतंत्र स्पेस एजेंसी है, इसका गठन 29 जुलाई, 1958 को किया गया था। नासा विश्व की अग्रणी अन्तरिक्ष एजेंसी है इसकी स्थापना में तत्कालीन राष्ट्रपति आइजनहावर का महत्वपूर्ण भूमिका थी। नासा ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण अभियानों पर कार्य किया है। नासा के प्रमुख अन्तरिक्ष अभियान अपोलो, स्काईलैब स्पेस स्टेशन, अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन इत्यादि प्रमुख है।

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