विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स

इसरो 27 नवम्बर को लांच करेगा कार्टोसेट-3

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन एक साथ 13 वाणिज्यिक उपग्रह लांच करेगा, इन उपग्रहों के साथ कार्टोसेट नामक इमेजिंग व मैपिंग उपग्रह को लांच किया जायेगा। यह लांच 27 नवम्बर, 2019 को होगा।

मुख्य बिंदु

इन उपग्रहों को श्रीहरिकोटा से PSLV-C47 के द्वारा लांच किया जायेगा। यह 13 वाणिज्यिक उपग्रह लक्सेम्बर्ग बेस्ड स्पेस कंपनी क्लेओस के हैं। यह उपग्रह कंपनी के स्काउटिंग मिशन के उपग्रहों के समूह का हिस्सा हैं। स्काउटिंग मिशन के डाटा का उपयोग समुद्री गतिविधि, निगरानी तथा इंटेलिजेंस से सम्बंधित कार्य के लिए किया जायेगा।

कार्टोसेट-3

यह तीसरी पीढ़ी का पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह है, इसका निर्माण इसरो द्वारा किया गया है। यह इसरो द्वारा निर्मित सबसे एडवांस्ड इमेजिंग सैटेलाइट्स में से एक है। यह उपग्रह पृथ्वी के हाई रेजोल्यूशन चित्र लेने में सक्षम है। अब तक कुल 8 कार्टोसेट उपग्रह लांच किये जा चुके हैं।

 

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DRDO अपने 450 पेटेंट तक निशुल्क पहुँच उपलब्ध करवाएगा

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) ने अपने 450 पेटेंट्स तक निशुल्क पहुँच प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य घरेलु उद्योगों को बढ़ावा देना है। DRDO के इस निर्णय से सामरिक क्षेत्र में कार्यरत्त स्टार्टअप्स को काफी बढ़ावा मिलेगा।

DRDO इन पेटेंट्स के उपयोग के लिए किसी प्रकार की रॉयल्टी फीस अथवा लाइसेंसिंग फीस नहीं वसूलेगा। इन पेटेंट्स में जीव विज्ञान, मिसाइल, नेवल सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार, कॉम्बैट इंजीनियरिंग तथा एरोनॉटिक्स इत्यादि से सम्बंधित टेक्नोलॉजी शामिल है।

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO)

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) की स्थापना 1958 में की गयी थी, इसका मुख्यालय नई दिल्ली के DRDO भवन में स्थित है। यह भारत सरकार की एजेंसी है। यह सैन्य अनुसन्धान तथा विकास से सम्बंधित कार्य करता है। DRDO का आदर्श वाक्य “बलस्य मूलं विज्ञानं” है। DRDO में 30,000 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं। वर्तमान में DRDO के चेयरमैन डॉ. जी. सतीश रेड्डी हैं। DRDO का नियंत्रण केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के पास है। DRDO की 52 प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है।

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