विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स

इसरो चन्द्रमा पर लैंडिंग के लिए लांच करेगा चंद्रयान-3

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन ने  चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के प्रयास की घोषणा की है। यह कार्य इस वर्ष के अंत तक अथवा अगले वर्ष तक पूर्ण हो सकता है । इसरो का चंद्रयान-2 मिशन चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में नाकाम रहा था। सॉफ्ट लैंडिंग के समय इसरो का लैंडर विक्रम से सम्पर्क टूट गया था। हालांकि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी भी अपना कार्य पूर्ण कुशलता के साथ कर रहा है और यह लगातार चन्द्रमा की हाई रेजोल्यूशन तस्वीरें इसरो को भेज रहा है।

मिशन चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 भारत का चंद्रमा पर दूसरा मिशन है, यह भारत का अब तक का सबसे मुश्किल मिशन है। यह 2008 में लांच किये गए मिशन चंद्रयान का उन्नत संस्करण है। चंद्रयान मिशन ने केवल चन्द्रमा की परिक्रमा की थी, परन्तु चंद्रयान-2 मिशन में चंद्रमा की सतह पर एक रोवर भी उतारा जाना था।

इस मिशन के सभी हिस्से इसरो ने स्वदेश रूप से भारत में ही बनाये हैं, इसमें ऑर्बिटर, लैंडर व रोवर शामिल है। इस मिशन में इसरो पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड रोवर को उतारने की कोशिश की। यह रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके चन्द्रमा की सतह के घटकों का विश्लेषण करने के लिए निर्मित किया गया था।

चंद्रयान-2 को GSLV Mk III से लांच किया गया। यह इसरो का ऐसा पहला अंतर्ग्रहीय मिशन है, जिसमे इसरो ने किसी अन्य खगोलीय पिंड पर रोवर उतारने का प्रयास किया। इसरो के स्पेसक्राफ्ट (ऑर्बिटर) का वज़न 3,290 किलोग्राम है, यह स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा की परिक्रमा करके डाटा एकत्रित करेगा, इसका उपयोग मुख्य रूप से रिमोट सेंसिंग के लिए किया जा रहा है।

6 पहिये वाला रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके मिट्टी व चट्टान के नमूने इकठ्ठा करने के लिए बनाया गया था, इससे चन्द्रमा की भू-पर्पटी, खनिज पदार्थ तथा हाइड्रॉक्सिल और जल-बर्फ के चिन्ह के बारे में जानकारी मिलने की सम्भावना थी।

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अन्तरिक्षयात्री क्रिस्टीना कोच ने रचा इतिहास

अन्तरिक्षयात्री क्रिस्टीना कोच ने महिला वर्ग में अन्तरिक्ष स्टेशन में सबसे अधिक समय व्यतीत करने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने पेग्गी व्हिटसन के रिकॉर्ड को तोड़ा, पेग्गी व्हिटसन ने 2016-17 में 288 दिन तक अन्तरिक्ष स्टेशन में रहने का रिकॉर्ड बनाया था। क्रिस्टीना कोच फरवरी, 2020 तक अन्तरिक्ष में रहेंगी, वे कुल मिलाकर 328 दिन तक अन्तरिक्ष स्टेशन में रहेंगी। पुरुष वर्ग में अमेरिका के स्कॉट केली के नाम अन्तरिक्ष स्टेशन में सबसे अधिक दिन व्यतीत करने का रिकॉर्ड है। स्कॉट केली ने 2015-16 में अन्तरिक्ष में 340 दिन व्यतीत किये हैं।

नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन)

नासा अमेरिकी सरकार की स्वतंत्र स्पेस एजेंसी है, इसका गठन 29 जुलाई, 1958 को किया गया था। नासा विश्व की अग्रणी अन्तरिक्ष एजेंसी है इसकी स्थापना में तत्कालीन राष्ट्रपति आइजनहावर का महत्वपूर्ण भूमिका थी। नासा ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण अभियानों पर कार्य किया है। नासा के प्रमुख अन्तरिक्ष अभियान अपोलो, स्काईलैब स्पेस स्टेशन, अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन इत्यादि प्रमुख है।

अंतर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन (ISS)

अंतर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन (ISS) पृथ्वी की निम्न कक्षा में एक आवासीय कृत्रिम उपग्रह है। यह पृथ्वी से 330 से 435 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। यह 92 मिनट में पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करता है। यह एक दिन में 15.5 बार पृथ्वी की परिक्रमा करता है। ISS कार्यक्रम पांच अन्तरिक्ष एजेंसियों नासा (अमेरिका), रोसकॉसमॉस (रूस), जाक्सा (जापान), ESA (यूरोप) तथा CSA (कनाडा) का संयुक्त कार्यक्रम है।

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