राज्यों के करेंट अफेयर्स

नार्थ सेंटिनल द्वीप के बारे में प्रमुख तथ्य

नार्थ सेंटिनल द्वीप अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में स्थित है। इस द्वीप में प्राचीन जनजाति निवास करती है, इस जनजाति का बाहरी विश्व के साथ कोई संपर्क नहीं है और यह जनजाति बाहरी विश्व से संपर्क रखने की इच्छुक नहीं है। इसी कारण इस द्वीप पर प्रवेश करने वाले लोगों के साथ इस जनजाति द्वारा अक्सर हिंसक व्यवहार किया जाता है।

हाल ही में इस द्वीप पर अवैध रूप से प्रवेश करने वाले अमेरिकी नागरिक की हत्या इस जनजाति द्वारा की गयी। नार्थ सेंटिनल द्वीप पर प्रवेश करना कानून के मुताबित निषिद्ध है। अंदमान व निकोबार द्वीप (मूल जनजातियों की सुरक्षा), रेगुलेशन 1956 के द्वारा नार्थ सेंटिनल द्वीप में प्रवेश करने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। इस द्वीप का चित्र अथवा विडियो लेना भी कानूनी अपराध है।

नार्थ सेंटिनल द्वीप

नार्थ सेंटिनल द्वीप बंगाल की खाड़ी में अंदमान व निकोबार द्वीपसमूह में स्थित है। इसमें कुल 5 द्वीप शामिल हैं। इनका  कुल क्षेत्रफल 59.69 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 2018 के अनुमानों के अनुसार नार्थ सेंटिनल द्वीप की जनसँख्या 40 से 400 के बीच में है।

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आंध्र प्रदेश सरकार ने भूसेवा तथा भूदार वेब पोर्टल लांच किया

आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में “भूसेवा तथा भूदार” नामक वेब पोर्टल लांच किया, इसके द्वारा लोग भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन देख सकते हैं।

मुख्य बिंदु

भूदार एक 11 अंक वाला विशिष्ठ पहचान कोड है, यह प्रत्येक कृषि भूमि, ग्रामीण तथा शहरी भूमि को प्रदान किया गया है। इसकी सहायता से लोग आधार कार्ड का उपयोग करके भूमि रिकॉर्ड को देख सकते हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भूदार सुरक्षा नीति भी लांच की, इसका उद्देश्य किसानों के भूमि रिकार्ड्स को सुरक्षित रखना है। भूसेवा पोर्टल में एक ही स्त्रोत में किसी विशिष्ट भूमि की सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी मिल सकेगी। इसमें पिछले 12 वर्षों की सूचना मिलेगी। यह सेवा www.bhuseva.ap.gov.in पर उपलब्ध है।

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