राज्यों के करेंट अफेयर्स

राज्य उर्जा मंत्रियों का सम्मेलन

दो दिवसीय राज्य उर्जा मंत्रियों का सम्मेलन 11 अक्टूबर 2019 को गुजरात के केवाडिया में  नर्मदा नदी के किनारे शुरू हुआ। इस सम्मेलन का उद्घाटन राज्य उर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने किया।

सम्मेलन के मुख्य बिंदु

  • इस सम्मेलन में स्वच्छ उर्जा पर बल दिया जायेगा।
  • इस सम्मेलन में नवीकरणीय तथा सतत उर्जा सेक्टर में उभरती हुई टेक्नोलॉजी पर चर्चा की जायेगी।
  • इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री की कुसुम योजना के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की जायेगी।
  • सीमा क्षेत्रों में नवीकरणीय उर्जा विकास के लिए सरकारी योजनाओं को हाईलाइट किया जायेगा।
  • इस सम्मेलन में सौर तथा पवन उर्जा में ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस भी चर्चा का प्रमुख विषय रहेगा।
  • इसमें रूफ टॉप सोलर प्रोजेक्ट्स पर भी विचार विमर्श किया जायेगा।

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सरकार ने जम्मू-कश्मीर से ट्रेवल एडवाइजरी को हटाया

जम्मू-कश्मीर से ट्रेवल एडवाइजरी को हटा दिया गया है। हालांकि अभी तक संचार प्रतिबन्ध को नहीं हटाया गया है। केंद्र ने 2 अगस्त को ट्रेवल एडवाइजरी जारी करके अमरनाथ यात्रा को बीच में रोक दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित करके जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था।

पृष्ठभूमि

लोकसभा और राज्यसभा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित किया था, इसके द्वारा राज्य का विभाजन दो केंद्र शासित प्रदेशों में किया जायेगा। क्षेत्रफल के हिसाब से जम्मू-कश्मीर देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख क्षेत्रफल के आधार पर देश का दूसरा सबसे केंद्र शासित प्रदेश होगा।

5 अगस्त, 2019 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की घोषणा थी। लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा, परन्तु इसकी कोई विधानसभा नहीं होगी। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को भी अब केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा। 31 अक्टूबर, 2019 को यह पुनर्गठन लागू हो जायेगा।

अनुच्छेद 370

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य को स्वायत्ता प्रदान की गयी है। इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर के निम्नलिखित 6 विशेष प्रावधान किये गये हैं :

  • इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे से बाहर रखा गया है, जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना अलग संविधान है।
  • जम्मू-कश्मीर पर केन्द्रीय विधानपालिका की शक्तियां सीमित हैं। केवल रक्षा, विदेश मामले तथा संचार पर ही केन्द्रीय विधानपालिका का नियंत्रण है।
  • राज्य सरकार की सहमती के पश्चात् ही जम्मू-कश्मीर में केन्द्रीय विधानपालिका की संवैधानिक शक्तियों को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह सहमती अस्थायी होगी, इसके लिए राज्य विधानसभा में पारित करना आवश्यक है।
  • शक्तियों के विभाजन के सन्दर्भ में राज्य संविधान सभा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
  • अनुच्छेद 370 को राज्य संविधान सभा की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है अथवा इसमें संशोधन किया जा सकता है।

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