राज्यों के करेंट अफेयर्स

रोज़गार सृजन के लिए खादी व ग्रामोद्योग आयोग की पहल

खादी व ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने रोज़गार सृजन के लिए गोवा सरकार के साथ मिलकर कार्य करने का निर्णय लिया है। गोवा में रोज़गार सृजन के लिए कई पहलें शुरू की गयी हैं। इससे पहले गोवा में कताई तथा बुनाई से सम्बंधित गतिविधियाँ काफी कम थी।

मुख्य बिंदु

  • 160 परिवारों में इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील वितरित किये गये।
  • 50 प्रशिक्षित महिलाओं को नए मॉडल के स्पिन्निंग व्हील प्रदान किये गये।
  • एक लिज्जत पापड़ इकाई की स्थापना की गयी, इससे 700 लोगों को रोज़गार मिलेगा।

खादी व ग्रामोद्योग आयोग (KVIC)

KVIC, खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम, 1956 के तहत गठित एक संवैधानिक निकाय है तथा यह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय (MSME) के तहत एक शीर्ष संगठन है। यह ग्रामीण इलाकों में खादी और ग्रामोद्योगों के विकास के लिए कार्यक्रमों की योजना, प्रचार, आयोजन और कार्यान्वयन करता है। यह कच्चे माल के भंडार निर्मित, प्रबंधित करता है और उत्पादकों को उनकी आपूर्ति भी करता है। यह खादी उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग को भी बढ़ावा देता है। यह खादी उद्योग में उत्पादन तकनीकों और उपकरणों में अनुसंधान को प्रोत्साहन और बढ़ावा देता है।

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असम में दो से अधिक बच्चे होने पर अब नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

21 अक्टूबर, 2019 को असम कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि 1 जनवरी, 2021 के बाद जिन लोगों के दो या दो से अधिक बच्चे होंगे, वे सरकारी नौकरी के लिए योग्य नहीं होंगे। सितम्बर, 2017 में असम सरकार ने ‘असम की जनसँख्या तथा महिला सशक्तिकरण नीति’ पारित की थी। इस नीति के तहत जिन लोगों के दो या दो से कम बच्चे हैं वे लोग ही सरकारी नौकरी प्राप्त करने के योग्य होंगे।

असम की स्थिति

असम की जनसँख्या 3.09 करोड़ है। असम से जनसँख्या घनत्व 398 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर (चीन से भी अधिक) है। असम में जनसँख्या वृद्धि की रफ़्तार अन्य राज्यों के मुकाबले काफी तेज़ रही है, असम की जनसँख्या वृद्धि का ब्यौरा निम्नलिखित है :

  • 2013 : 31.86 मिलियन
  • 2104 : 32.28 मिलियन
  • 2015 : 33.41 मिलियन
  • 2016 : 33.90 मिलियन
  • 2017 : 34.92 मिलियन

उपरोक्त डाटा से स्पष्ट है कि असम की जनसँख्या में प्रतिवर्ष एक मिलियन (दस लाख) की वृद्धि हुई है।

असम में जनसँख्या विस्फोट का कारण

असम में जनसँख्या विस्फोट का सबसे बड़ा कारण प्रवास है। 1901 से 2011 के बीच असम की जनसँख्या में नौ गुणा वृद्धि हुई है। 1971 के युद्ध के दौराम असम की जनसँख्या में काफी वृद्धि हुई, इस समय बांग्लादेश से बड़ी संख्या में शरणार्थी असम में आये थे। असम में जनसँख्या विस्फोट का एक अन्य प्रमुख कारण साक्षरता की कमी है।

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