राज्यों के करेंट अफेयर्स

केंद्र ने जम्मू-कश्मीर की परिसंपत्ति तथा देनदारी के वितरण के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की परिसंपत्ति तथा देनदारी के वितरण के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, इनका वितरण जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के बीच किया जाएगा। इस समिति में संजय मित्रा, अरुण गोयल तथा गिरिराज प्रसाद गुप्ता जैसे पूर्व नौकरशाह शामिल हैं, इस समिति के अध्यक्ष संजय मित्रा हैं।

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के सेक्शन 84 के अनुसार जम्मू-कश्मीर की परिसंपत्तियों तथा देनदारियों का उचित विभाजन जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के बीच किया जायेगा।

पृष्ठभूमि

इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित किया, इसके द्वारा राज्य का विभाजन दो केंद्र शासित प्रदेशों में किया जायेगा। क्षेत्रफल के हिसाब से जम्मू-कश्मीर देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख क्षेत्रफल के आधार पर देश का दूसरा सबसे केंद्र शासित प्रदेश होगा।

5 अगस्त, 2019 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की बात भी कही गयी है। लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा, परन्तु इसकी कोई विधानसभा नहीं होगी। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को भी अब केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा। यह दो केंद्र शासित प्रदेश 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आ जायेंगे।

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छत्तीसगढ़ में खुलेगा भारत का पहला ‘गार्बेज कैफ़े’

भारत के पहला गार्बेज कैफ़े छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में खोला जायेगा, यह अंबिकापुर म्युनिसिपल कारपोरेशन की पहल है। इसका उद्देश्य अंबिकापुर को प्लास्टिक मुक्त शहर बनाना है।

भारत का पहला ‘गार्बेज कैफ़े’

यह एक विशेष प्रकार का कैफ़े होगा। इस कैफ़े में निर्धन तथा कचरे का काम करने वाले लोगों को एक किलोग्राम प्लास्टिक के बदले मुफ्त में भोजन दिया जायेगा। आधा किलोग्राम प्लास्टिक के बदले उन्हें नाश्ता दिया जायेगा। इस कैफ़े में जमा किये गये प्लास्टिक को सॉलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर में बेचा जायेगा। इस प्लास्टिक को बाद में प्रोसेस किया जायेगा और इसका इस्तेमाल शहर में सड़कों के निर्माण के लिए किया जायेगा।

अंबिकापुर तथा कचरा प्रबंधन

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ का पहला डस्टबिन मुक्त शहर है, यह ठोस कचरा प्रबंधन में काफी कार्यकुशल है। स्वच्छता रैंकिंग में इंदौर के बाद यह दूसरा सबसे स्वच्छ शहर है। अंबिकापुर में प्रोसेस किये गये प्लास्टिक तथा एस्फाल्ट से सड़क का निर्माण किया गया है। प्लास्टिक और एस्फाल्ट से बड़ी सड़क काफी लम्बे समय तक ठीक रहती है क्योंकि पानी इसके अन्दर प्रवेश नहीं कर पाता।

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