COVID-19 : केंद्र सरकार ने एक साल तक महंगाई भत्ते में वृद्धि पर रोक लगाई

23 अप्रैल, 2020 को भारत सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी पर रोक लगायी। केंद्र सरकार द्वारा 1 लाख करोड़ रुपये बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

मुख्य बिंदु

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों पर लागू होती है। वर्तमान में, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनके वेतन का 17% महंगाई भत्ता मिल रहा है। सरकार ने भत्ते को 4% बढ़ाने की योजना बनाई थी।

महंगाई भत्ता क्या है?

पेंशन भोगियों और सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (Dearness Allowance or DA) मिलता है। जुलाई और जनवरी के महीने में हर साल दो बार महंगाई भत्ते को संशोधित किया जाता है। महंगाई की भरपाई के लिए कर्मचारियों और पेंशनरों को यह भत्ता प्रदान किया जाता है। केंद्रीय बजट का लगभग 8.5% केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन के रूप में उपयोग किया जाता है।

इतिहास

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान महंगाई भत्ते की अवधारणा शुरू की गई थी। भारत में महंगाई भत्ते को 1947 में पुराने वस्त्र भत्ते के रूप में पेश किया गया था। इसे 1953 में संशोधित कपड़ा भत्ते के रूप में फिर से प्रस्तुत किया गया। महंगाई भत्ते को पहले कर्मचारियों के वेतन संशोधन से जोड़ा गया था। इसे बाद में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़ा गया।

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