ICAR तथा CSIR ने खाद्यान्न तथा कृषि के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये

भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद्  (ICAR) तथा वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) ने खाद्यान्न तथा कृषि के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये।

भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद्  (ICAR) तथा वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) खाद्यान्न, औषधीय तथा सुगन्धित पौधों, न्युट्रास्युटिकल, बिग डाटा विश्लेषण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, कपास में जेनेटिक परिवर्तन, कृषि में सेंसर के उपयोग, फसल प्रबंधन इत्यादि क्षेत्रों में सहयोग करेंगे।

तकनीक प्रदर्शन तथा वितरण के लिए ICAR के कृषि विज्ञान केन्द्रों के नेटवर्क का उपयोग किया जायेगा।

सहयोग के लिएकार्यक्रमों पर चिंतन के लिए संयुक्त कार्यकारी समिति का गठन किया जायेगा, इसकी बैठक वर्ष में चार बार होगी।

भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् (ICAR)

भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् (ICAR) की स्थापना 15 जुलाई, 1929 को की गयी थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। यह एक स्वायत्त संस्था है, इसका प्रमुख कार्य भारत में शिक्षा अनुसन्धान तथा शिक्षा के लिए समन्वय स्थापित करना है। ICAR अपनी रिपोर्ट केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अधीन कृषि अनुसन्धान व शिक्षा विभाग को सौंपता है। केन्द्रीय कृषि मंत्री ICAR के अध्यक्ष होते हैं। इसका आदर्श वाक्य “मानवीय संवेदना के साथ कृषि अनुसन्धान” है।

वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR)

यह देश की अग्रणी स्वायत्त  अनुसन्धान व विकास संगठन है। इसकी स्थापना 1942 में की गयी थी। यह रजिस्ट्रेशन ऑफ़ सोसाइटीज एक्ट, 1960 के तहत पंजीकृत एक स्वायत्त संस्था है। इसे मुख्य रूप से केन्द्रीय विज्ञान व तकनीक मंत्रालय द्वारा फंडिंग की जाती है। प्रधानमंत्री CSIR के अध्यक्ष होते हैं। एक सर्वेक्षण में विश्व के 1207 सरकारी संस्थानों में से इसे 9वां स्थान प्राप्त हुआ था। यह देश में 38 राष्ट्रीय अनुसन्धान प्रयोगशालाओं का संचालन करती है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

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