IIT खड़गपुर के छात्रों ने नकली नोटों को पहचानने के लिए समाधान विकसित किया

IIT खड़गपुर के छात्रों ने नकली नोटों को पहचानने के लिए समाधान विकसित किया, इसके लिए 6 सदस्यीय दल ने इमेज प्रोसेसिंग एप्लीकेशन का विकास किया है। इस एप्लीकेशन को स्मार्टफ़ोन में इनस्टॉल किया जा सकता है। उपभोक्ता करेंसी नोट का चित्र मोबाइल एप्प पर अपलोड करके पता कर सकता है कि नोट असली है अथवा नकली। यह एप्प 25 फीचर्स का अवलोकन करके नोट की प्रमाणिकता निश्चित करेगी। इस एप्प का विकास करने वाले 6 छात्र हैं: T.Y.S.S. संतोष, सत्रिश कुमार रेड्डी, विपुल तोमर, साईं कृष्णा, दृष्टि तुलसी और डी.वी. साईं सूर्य हैं।

पृष्ठभूमि

इससे पहले स्मार्ट इंडिया हैकाथन के दो संस्करण काफी सफल रहे थे। स्मार्ट इंडिया हैकाथन में 29 केन्द्रीय मंत्रालय ने समस्याएं प्रस्तुत की थीं। सर्वश्रेष आइडियाज में से 20 प्रोजेक्ट्स को चुना गया और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया गया। बाद में उन उत्पादों को विकसित करके सम्बंधित मंत्रालयों को सौंपा गया। स्मार्ट इंडिया हैकाथन  2018 में 27 केन्द्रीय मंत्रालयों तथा 17 राज्य सरकारों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान पहली बार हार्डवेयर एडिशन को शुरू किया गया था।

IIT खड़गपुर

IIT खड़गपुर देश के सभी अग्रणी शिक्षण संस्थानों में से एक है, इसकी स्थापना 1951 में की गयी थी। भारत सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान चिन्हित किया गया है। यह संस्थान पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में स्थित है। इसका आदर्श वाक्य “योगः कर्मसु कौशलम” है।

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