IIT मद्रास का “प्रोजेक्ट वाटर चक्र” क्या है?

IIT मद्रास के अनुसंधानकर्ताओं ने “प्रोजेक्ट वाटर चक्र” के तहत मानवीय मूत्र को रीसायकल करने के लिए एक सिस्टम का विकास किया है। इस प्रोजेक्ट ने जुलाई, 2019 में इंडियन इनोवेशन ग्रोथ प्रोग्राम 2.0 अवार्ड जीता था।

मुख्य बिंदु

इस सिस्टम के तहत यूरिन को तीन दिन तक स्टोर किया जाता है, इससे यूरिया अमोनिया में परिवर्तित हो जाता है, स्टीम डिस्टिलेशन प्रक्रिया के द्वारा अमोनिया को अलग कर लिया जाता है। इस कमर्शियल ग्रेड लिक्विड का उपयोग डिटर्जेंट तथा रबर उद्योग में किया जा सकता है। इसके बाद शेष द्रव में मैग्नीशियम डाला जाता है, इस प्रकार इलेक्ट्रोकेमिकल प्रक्रिया के माध्यम से 90% जल को पुनः प्राप्त किया जा सकता है, इस जल का उपयोग पौधों को पानी देने तथा फ्लशिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

IIT मद्रास

IIT मद्रास की स्थापना 1959 में पश्चिमी जर्मनी की सहायता से की गयी थी। यह IIT संस्थान तमिलनाडु में स्थित है, इसे राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान के रूप में चिन्हित किया गया है। इसका कैंपस लगभग 2.5 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।

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