करेंट अफेयर्स - अप्रैल, 2018

केंद्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्रालय ने बीज आयात-निर्यात पोर्टल लॉन्च किया

केंद्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्रालय ने बीज तथा रोपण सामग्री के आयात-निर्यात की सुविधा हेतु बीज आयात-निर्यात पोर्टल लॉन्च किया है। इसे व्यापार प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विकसित किया गया है। मंत्रालय ने बीजों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न किस्मों के बीज के निर्यात पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटा दिया है। इसके अंतर्गत दुनिया भर में पाए जाने वाले उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आयात निर्यात नीति को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। आयात निर्यात नीति 2002-2007 के तहत बीज तथा रोपण सामग्री का आयात निर्यात नियंत्रित किया जाता है।

मुख्य तथ्य

इस पोर्टल से बीजों को आयात करने वाले सभी संगठनों को 20 आवेदन प्रतिलिपियाँ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस पोर्टल का उपयोग करके, कृषि विभाग के कर्मचारी सुचारु तरीके से आयात-निर्यात अनुप्रयोगों से संबंधित प्रक्रिया को भी कार्यान्वित करेंगे। यह पोर्टल शीघ्रता से विभिन्न विभागों की टिप्पणियों पर अमल करेगा जिससे समय पर समस्या समाधान प्राप्त हो सकेगा।

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भारतीय मानक ब्यूरो ने अखिल भारतीय स्तर पर तरल क्लोरीन हेतु पहला लाइसेंस प्रदान किया

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने भारतीय मानक (आईएस) 646: 1986 के अनुसार अखिल भारतीय स्तर पर तरल क्लोरीन के लिए गुजरात अल्कलीज एंड केमिकल्स लिमिटेड को पहला लाइसेंस दिया है। यह अखिल भारतीय स्तर पर दिया गया पहला लाइसेंस है। लाइसेंस को अप्रैल 2018 से एक वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी बनाया गया है।
तरल क्लोरीन को धातु के कंटेनर में संग्रहीत किया जाता है। यह आमतौर पर धातु कंटेनर से तरल वाष्पीकरण द्वारा प्राप्त गैस के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से कागज, लुगदी, पानी नसबंदी, कपड़ा ब्लीचिंग और रसायनों के निर्माण में किया जाता है।

भारतीय मानक ब्यूरो

1 अप्रैल, 1987 को संसदीय अधिनियम, 1987 द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो अस्तित्व में आया। नई दिल्ली में इसका मुख्यालय है। वस्तुओं के मानकीकरण, चिन्हितकरण और उन्हें गुणवत्ता प्रमाणपत्र देना और इन कार्यों से संबद्ध तथा अनुषंगी मामलों से संबंधित गतिविधियों का सामंजस्यपूर्ण विकास करना इसका मुख्य उद्देश्य है। यह धातुकर्म इंजीनियरिंग, पेट्रोल और कोयला सम्बंधित वस्तुएं, रसायन, खाद्य एवं कृषि, सिविल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, प्रबंधन और प्रणाली,चिकित्सा उपकरण एवं अस्पताल, कपडा, परिवहन इंजीनियरिंग उत्पादन और सामान्य इंजीनियरिंग तथा जल संसाधन जैसे चौदह विभागों के अंतर्गत मानक निर्माण संबंधी कार्य करता है। वर्त्तमान में 14 विभागीय परिषद् इन विभागों के अनुसार काम कर रही है।

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