करेंट अफेयर्स - अप्रैल, 2019

द्वितीय बेल्ट एंड रोड फोरम

हाल ही में द्वितीय बेल्ट एंड रोड फोरम का आयोजन चीन की राजधानी बीजिंग में किया गया है। इस फोरम में चीन की महत्वकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) पहल की समीक्षा की गयी। इस फोरम में 126 देशों तथा 29 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने हिस्सा लिया। गौरतलब है कि पहली बेल्ट एंड रोड फोरम में 60 देशों तथा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने हिस्सा लिया था। भारत ने पहले फोरम की भाँती इस फोरम में भी हिस्सा नहीं लिया।

बेल्ट एंड रोड फोरम 2019

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस तीन दिवसीय इवेंट के राउंडटेबल, उच्च स्तरीय बैठक तथा थीमेटिक फोरम की अध्यक्षता की।

नया फोकस : इस फोरम में अधोसंरचना परियोजनाओं के अलावा वित्तीय तथा मानवीय सहायता परियोजनाओं पर भी चर्चा की गयी।

नए देश : इस बार कई नए देश चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में शामिल हुए, इस बार इटली और लुक्सेम्बर्ग बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में शामिल हुए हैं। चीन और इटली ने 2.5 अरब यूरो के सौदे पर MoU पर हस्ताक्षर किये हैं। यूरोपीय संघ के 13 देश पहले से बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के सदस्य हैं।

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI)

  • बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) को 21वीं सदी का रेशम मार्ग कहा जाता है, इसकी घोषणा 2013 में की गयी थी।
  • इसका उद्देश्य एशिया, यूरोप और अफ्रीका को सड़क तथा समुद्री मार्ग से जोड़ना है, इससे विश्व की लगभग आधी जनसँख्या प्रभावित होगी।
  • “बेल्ट” के तहत चीन, मध्य एशिया, रूस तथा यूरोप को सड़क मार्ग से आपस में जोड़ा जायेगा। यह चीन को मध्य एशिया तथा पश्चिम एशिया के द्वारा फारस की खाड़ी तथा भू-मध्य सागर से जोड़ेगी। इसके अलावा यह चीन को दक्षिण-पूर्व एशिया, दक्षिण एशिया तथा हिन्द महासागर से जोड़ेगी।
  • “रोड” के तहत चीन से यूरोप को दक्षिण चीन सागर तथा हिन्द महासागर के द्वारा व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।

भारत को बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से क्या समस्या है?

भारत बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का विरोध करने वाला प्रथम देश है और भारत अभी तक इसके विरुद्ध है। दरअसल इसका मुख्य कारण चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर द्वारा भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है। चीन का यह गलियारा पाक-अधिकृत कश्मीर से होकर गुज़रता है, जो की भारत का हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने कब्ज़ा किया है।

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28 अप्रैल : विश्व कार्यस्थल स्वास्थ्य व सुरक्षा दिवस

विश्व कार्यस्थल स्वास्थ्य व सुरक्षा दिवस प्रतिवर्ष 28 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा मनाया जाता है। इस दिवस को प्रतिवर्ष 2003 से मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य व्यवसायिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य की ओर ध्यान आकर्षित करना है।

विश्व कार्यस्थल स्वास्थ्य व सुरक्षा दिवस

यह अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की व्यवसायिक स्वास्थ्य व सुरक्षापर वैश्विक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर दुर्घटना तथा रोग की रोकथाम को बढ़ावा देना है। इस वर्ष  विश्व कार्यस्थल स्वास्थ्य व सुरक्षा दिवस अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की 100वीं वर्षगाँठ से प्रेरित है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार देशों को कर्मचारियों के लिए स्वस्थ तथा सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाना चाहिए।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन एक त्रिपक्षीय संगठन है, इसमें सरकार, रोज़गार प्रदाता तथा कर्मचारी श्रम मानक निश्चित करने के लिए विचार विमर्श करते हैं। 2019 में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसकी स्थापना 29 अक्टूबर, 1919 को की गयी थी। यह संयुक्त राष्ट्र के विशेषीकृत एजेंसी है। इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में स्थित है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के कुल 187 सदस्य हैं। यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानक निश्चित करता है तथा कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है।

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