करेंट अफेयर्स - अप्रैल, 2019

PSLV C-45 : इसरो ने एक साथ लांच किये 29 उपग्रह

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने 1 अप्रैल को एक ही लांच में 29 सैटेलाइट प्रक्षेपित किये। इसरो ने 1 अप्रैल, 2019 को 436 किलोग्राम भार वाले एमिसैट उपग्रह को रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन के लिए लांच किया। इसके साथ अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों के 28 सैटेलाइट्स भी श्रीहरिकोटा से लांच किये गये। एमिसैट को 753 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया। इस उड़ान में लिथुआनिया, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड तथा अमेरिका के सैटेलाइट भी अन्तरिक्ष में स्थापित किये गये, यह सैटेलाइट 505 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किये गये। यह लांच PSLV C-45 द्वारा किया गया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

इसकी स्‍थापना 1969 में की गई। 1972 में भारत सरकार द्वारा ‘अंतरिक्ष आयोग’ और ‘अंतरिक्ष विभाग’ के गठन से अंतरिक्ष शोध गतिविधियों को अतिरिक्‍त गति प्राप्‍त हुई। ‘इसरो’ को अंतरिक्ष विभाग के नियंत्रण में रखा गया। 70 का दशक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में प्रयोगात्‍मक युग था जिस दौरान ‘भास्‍कर’, ‘रोहिणी”आर्यभट’, तथा ‘एप्पल’ जैसे प्रयोगात्‍मक उपग्रह कार्यक्रम चलाए गए।

80 का दशक संचालनात्‍मक युग बना जबकि ‘इन्सेट’ तथा ‘आईआरएस’ जैसे उपग्रह कार्यक्रम शुरू हुए। आज इन्सेट तथा आईआरएस इसरो के प्रमुख कार्यक्रम हैं। अंतरिक्ष यान के स्‍वदेश में ही प्रक्षेपण के लिए भारत का मज़बूत प्रक्षेपण यान कार्यक्रम है। इसरो की व्‍यावसायिक शाखा एंट्रिक्‍स, विश्‍व भर में भारतीय अंतरिक्ष सेवाओं का विपणन करती है। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की ख़ास विशेषता अंतरिक्ष में जाने वाले अन्‍य देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विकासशील देशों के साथ प्रभावी सहयोग है।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

माइंड द गैप – स्टेट ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट

ऑक्सफेम इंडिया ने हाल ही में माइंड द गैप – स्टेट ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट नामक रिपोर्ट  जारी की, इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं :

  • भारतीय श्रम बाज़ार में गुणवत्ता युक्त नौकरी की कमी तथा मजदूरी दर में बढ़ती असमानता आम है।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार कार्यबाल में अभी भी महिलाओं की भागीदारी काफी कम है।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले 34% कम भुगतान किया जाता है। 2015 में 92% महिलाओं तथा 82% पुरुषों का मासिक वेतन 10,000 रुपये से कम था।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में सर्वाधिक नौकरियां असंगठित क्षेत्र में सृजित हुई हैं।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से अक्टूबर, 2016 के बीच जिन घरों में दो या दो  से अधिक लोग नौकरी करते थे, उनकी संख्या में विमुद्रीकरण के बाद 34.8% से 31.8% की कमी हुई है। इसमें महिलाओं के रोज़गार को काफी नुकसान हुआ था।

इस रिपोर्ट में श्रम प्रधान विकास कार्यों पर बल देने का सुझाव दिया गया है, जिससे रोज़गार सृजन में वृद्धि होगी। उत्पादकता में वृद्धि के लिए स्वास्थ्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में अधिक निवेश की आवश्यकता है।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

Advertisement