करेंट अफेयर्स - अप्रैल, 2019

12 एनसीआर जिले तथा आगरा में BS-VI इंधन की आपूर्ति शुरू हुई

इंडियन आयल कारपोरेशन ने वक्तव्य जारी करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निकटवर्ती शहरों में स्वच्छ BS-VI पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति शुरू कर दी है। गौरतलब है कि सम्पूर्ण भारत में अप्रैल, 2020 से BS-VI नियमों का पालन होगा। नई दिल्ली बीएस-IV इंधन से बीएस-VI को अपनाने वाला देश का पहला शहर है।

BS-IV तथा BS-VI में क्या अंतर है?

  • BS-IV तथा BS-VI में मुख्य अंतर सल्फर की मात्रा है।
  • BS-IV इंधन में 50 पार्ट्स पैर मिलियन (ppm) सल्फर की मात्रा पायी जाती है, जबकि BS-VI इंधन में केवल 10 ppm सल्फर की मात्रा पायी जाती है।
  • BS-VI से डीजल चारों में पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा में 80% की कमी आएगी।
  • BS-VI से डीजल कारों में नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा में 70% तथा पेट्रोल कारों में 25% की कमी आएगी।

भारत स्टेज उत्सर्जन मानक  (Bharat Stage Emission Standards)

यह भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया उत्सर्जन मानक है, यह यूरोपियन रेगुलेशन पर आधारित है। इसका उद्देश्य वाहनों द्वारा उत्सर्जित किये जाने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है। भारत स्टेज के मानक व समय सीमा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निश्चित की जाती है। यह मानक देश में पहली बार वर्ष 2000 में शुरू किये गए थे। देश में नए वाहनों का निर्माण इन मानकों के आधार पर ही किया जाता है। अक्टूबर 2010 में भारत स्टेज III मानक पूरे देश में लागू किये गए थे, अप्रैल 2017 से पूरे देश में BS-IV पूरे देश में लागू किया गया। 2016 में सरकार ने घोषणा की थी देश में BS-V लागू नहीं होगा, इसके स्थान पर BS-VI ही लागू किया जायेगा। भारत सरकार की योजना 2020 से BS-VI मानक लागू करने की है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

BIS और IIT दिल्ली ने मानकीकरण तथा अनुरूपता मूल्यांकन के लिए मिलकर कार्य करेंगे

हाल ही में BIS और  IIT दिल्ली ने मानकीकरण तथा अनुरूपता मूल्यांकन के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये हैं।

मुख्य बिंदु

  • BIS और IIT दिल्ली मानकीकरण, परीक्षण तथा अनुरूपता मूल्यांकन के लिए सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना करेंगे। इस केंद्र की स्थापना IIT-दिल्ली के कैंपस में किया जायेगा।
  • IIT दिल्ली मानकीकरण की अनुसन्धान व विकास परियोजनाओं के लिए अनुसंधानात्मक सहयोग प्रदान करेगा। BIS IIT दिल्ली को प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
  • दोनों संस्थान मिलकर प्रशिक्षण तथा मानकीकरण पर कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।
  • IIT दिल्ली मानकीकरण के टॉपिक पर शैक्षणिक कोर्स भी शुरू करेगा।
  • यह MoU पांच वर्ष के लिए होगा, बाद में इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
  • BIS की तकनीकी समिति में IIT दिल्ली के 50 फैकल्टी सदस्य हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

Advertisement