करेंट अफेयर्स - अप्रैल, 2019

इसरो ने चंद्रयान-2 मिशन को जुलाई के लिए स्थगित किया

इसरो ने मिशन चंद्रयान 2 को जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है, अब इस मिशन को संभवतः मध्य जुलाई में लांच किया जायेगा। इस मिशन को अब तक छठवीं बार स्थगित किया जा चुका है। दरअसल हाल ही में एक परीक्षण चन्द्रमा पर लैंड किये जाने वाले वाहन (लैंडर) “विक्रम” को हल्की सी क्षति पहुंची है।

हाल ही में इजराइल का स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा पर लैंड करने से पहले दुर्घटना का शिकार हुआ था और वह चन्द्रमा की सतह पर क्रेश होकर गिर गया था। इसके बाद इसरो ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी किस्म का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं है।

मिशन चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 भारत का चंद्रमा पर दूसरा मिशन है, यह भारत का अब तक का सबसे मुश्किल मिशन है। यह 2008 में लांच किये गए मिशन चंद्रयान का उन्नत संस्करण है। चंद्रयान मिशन ने केवल चन्द्रमा की परिक्रमा की थी, परन्तु चंद्रयान-2 मिशन में चंद्रमा की सतह पर एक रोवर भी उतारा जायेगा।

इस मिशन के सभी हिस्से इसरो ने स्वदेश रूप से भारत में ही बनाये हैं, इसमें ऑर्बिटर, लैंडर व रोवर शामिल है। इस मिशन में इसरो पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड रोवर को उतारने की कोशिश करेगा। यह रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके चन्द्रमा की सतह के घटकों का विश्लेषण करेगा।

चंद्रयान-2 को GSLV Mk III से लांच किया जायेगा। यह इसरो का ऐसा पहला अंतर्ग्रहीय मिशन है, जिसमे इसरो किसी अन्य खगोलीय पिंड पर रोवर उतारेगा। इसरो के स्पेसक्राफ्ट (ऑर्बिटर) का वज़न 3,290 किलोग्राम है, यह स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा की परिक्रमा करके डाटा एकत्रित करेगा, इसका उपयोग मुख्य रूप से रिमोट सेंसिंग के लिए किया जा रहा है।

6 पहिये वाला रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके मिट्टी व चट्टान के नमूने इकठ्ठा करेगा, इससे चन्द्रमा की भू-पर्पटी, खनिज पदार्थ तथा हाइड्रॉक्सिल और जल-बर्फ के चिन्ह के बारे में जानकारी मिलने की सम्भावना है फिलहाल इजराइल भी दिसम्बर, 2018 में चन्द्रमा पर मिशन उतारने की तैयारी कर रहा है। यह डाटा पृथ्वी तक ऑर्बिटर के द्वारा भेजा जायेगा फिलहाल इजराइल भी दिसम्बर, 2018 में चन्द्रमा पर मिशन उतारने की तैयारी कर रहा है।

चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग करना इस मिशन का सबसे कठिन हिस्सा होगा, अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही यह कारनामा कर पाए हैं।

 

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एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप : अमित पंघाल और पूजा रानी ने जीते स्वर्ण पदक

भारतीय मुक्केबाज़ अमित पंघाल और पूजा रानी ने एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीते। अमित पंघाल ने 52 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता। जबकि पूजा रानी ने महिलाओं के 81 किलोग्राम भारवर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन वांग लीना को पराजित करके स्वर्ण पदक जीता।

एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में दीपक सिंह ने 49 किलोग्राम भारवर्ग में, कविंदर सिंह बिष्ट ने 56 किलोग्राम भार वर्ग में तथा आशीष कुमार ने 75 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीते। महिलाओं की श्रेणी में सिमरनजीत कौर ने 64 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता।

इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल 13 पदक जीते, इसमें दो स्वर्ण, चार रजत तथा सात कांस्य पदक शामिल है।

अमित पंघाल

अमित पंघाल के मुक्केबाज़ हैं, उन्हें जन्म 16 अक्टूबर, 1995 को हरियाणा में हुआ था। अमित ने 2017 एशियाई अमेचर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इसके पश्चात् 2018 एशियाई खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता।

पूजा रानी

पूजा रानी का जन्म 17 फरवरी, 1991 को हरियाणा के भिवानी जिले में हुआ था। उन्होंने 2014 के एशियाई खेलों में 75 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीता था। 2015 की एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था।

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