करेंट अफेयर्स – अगस्त, 2019

“द डायरी ऑफ़ मनु गाँधी” पुस्तक को नई दिल्ली में लांच किया गया

केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने नई दिल्ली में “द डायरी ऑफ़ मनु गाँधी” (1943-44) पुस्तक को लांच किया। इस पुस्तक को भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के साथ मिलकर लांच किया गया है।

मनु गाँधी (मृदुला) महात्मा गाँधी के भतीजे जयसुखलाल अमृतलाल गाँधी की पुत्री थीं, वे 30 जनवरी, 1948 तक गांधीजी के साथ रहीं। वे गांधीजी की कस्तूरबा गाँधी की सहयोगी भी थीं।

द डायरी ऑफ़ मनु गाँधी

इस पुस्तक को वास्तविक रूप में गुजराती में लिखा गया था। इस पुस्तक का अनुवाद त्रिदिप सुहृद द्वारा किया गया है। इस डायरी के पहले खंड में 1943-44 के कालखंड को कवर किया गया है। इसमें मनु गाँधी तथा महात्मा गाँधी के जीवन का वर्णन है।

राष्ट्रीय अभिलेखागार

भारतीय अभिलेखागार की स्थापना में सैंडमैन की रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण थी, वे सिविल ऑडिटर थे, उन्होंने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को “ग्रैंड सेंट्रल आर्काइव” में स्थानांतरित करने के महत्त्व पर बल दिया था। 1889 में एलफिंस्टोन कॉलेज, बॉम्बे के प्रोफेसर से जी. डब्ल्यू. फारेस्ट को भारत सरकार के विदेश विभाग के रिकॉर्ड की छान-बीन करने का कार्य सौंपा गया था। उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन के सभी रिकार्ड्स को केन्द्रीय भंडार में स्थानांतरित करने की अनुशंसा की थी। इसके पश्चात् 11 मार्च, 1891 को कलकत्ता में इम्पीरियल सेक्रेटेरिएट भवन में इम्पीरियल रिकार्ड्स डिपार्टमेंट (IRD) की स्थापना की गयी थी।

1911 में इम्पीरियल रिकार्ड्स डिपार्टमेंट को दिल्ली स्थानांतरित किया गया। स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय अभिलेखागार कर दिया। वर्तमान में राष्ट्रीय अभिलेखागार को संस्कृति मंत्रालय से जोड़ा गया है। इसके क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल में स्थित है, इसके तीन रिकॉर्ड केंद्र जयपुर, पुदुचेरी तथा भुबनेश्वर में स्थित है।

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बावर-373 : ईरान ने स्वदेशी रूप से निर्मित हवाई सुरक्षा प्रणाली का अनावरण किया

ईरान ने स्वदेशी रूप से निर्मित हवाई सुरक्षा प्रणाली बावर-373 का अनावरण किया, यह अनावरण ईरान के “राष्ट्रीय रक्षा उद्योग दिवस” के अवसर पर किया गया। ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने बावर-373 को देश के मिसाइल रक्षा नेटवर्क में शामिल करने का आदेश दिया है। इस रक्षा प्रणाली का अनवरण ऐसे समय में किया गया है जब ईरान और अमेरिका के बीच सम्बन्ध तनावपूर्ण बने हुए हैं।

बावर-373 मिसाइल सिस्टम

फ़ारसी में  बावर शब्द का अर्थ है “विश्वास करना”। इस मिसाइल सिस्टम को ईरान की प्रथम स्वदेशी रूप से निर्मित लम्बी-रेंज की मिसाइल रक्षा प्रणाली माना जा रहा है।

विशेषताएं

यह एक लम्बी रेंज की मोबाइल मिसाइल प्रणाली है, यह सतह से हवा में मार करने में सक्षम है।

इस मिसाइल की रेंज 200 किलोमीटर से अधिक है। यह रक्षा प्रणाली ईरान की भौगोलिक स्थिति के अनुकूल है। यह मिसाइल रक्षा प्रणाली रूस की एस-300 तथा अमेरिका के पेट्रियट सिस्टम्स से प्रतिस्पर्धा करती है।

पृष्ठभूमि

2010 में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ईरान ने रूस के एस-300 प्रणाली की खरीद को रद्द कर दिया था, इसके बाद से ही ईरान ने बावर का निर्माण किया। मार्च, 2016 में ईरान ने कई वर्षों की देरी के बाद एस-300 प्रणाली को स्थापित किया था।

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