करेंट अफेयर्स – अगस्त, 2019

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 430.5 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचा

16 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 70.8 मिलियन डॉलर की कमी  के साथ 430.5 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत 8वें स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

16 अगस्त, 2019 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $398.327 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $ 27.110 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $ 1.438 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $ 3.625 बिलियन

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

अकेडमिक लोमोनोसोव : रूस ने विश्व का पहला तैरता हुआ परमाणु उर्जा प्लांट लांच किया

रूस ने विश्व के पहले तैरते हुआ परमाणु उर्जा प्लांट अकेडमिक लोमोनोसोव लांच किया। हाल ही में अकेडमिक लोमोनोसोव मुर्मासंक के आर्कटिक पोर्ट से उत्तर-पूर्वी साइबेरिया में पेवेक नामक स्थान की यात्रा पर रवाना हुआ, यह यात्रा लगभग 5000 किलोमीटर की होगी। अकेडमिक लोमोनोसोव में परमाणु इंधन भरा हुआ है। इस पर कई पर्यावरणविदों ने चिंता व्यक्त की है।

अकेडमिक लोमोनोसोव

अकेडमिक लोमोनोसोव का निर्माण रूस की सरकारी परमाणु उर्जा फर्म रोस्तोम द्वारा किया गया है। इसकी लम्बाई 144 मीटर तथा चौड़ाई 30 मीटर है। इसकी विस्थापन क्षमता 21,500 टन है तथा इसमें 69 लोग कार्य कर सकते हैं। उर्जा उत्पादन के लिए इसमें दो परिवर्तित KLT-40 नेवल प्रोपल्शन न्यूक्लियर रिएक्टर का उपयोग किया गया है। इससे 70 मेगावाट विद्युत् तथा 300 मेगावाट ऊष्मा का उत्पादन किया जा सकता है। इसका नाम रूसी शिक्षाविद मिखाइल लोमोनोसोव पर रखा गया है।

इसमें नवीनतम सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग किया गया, इसे विश्व के सबसे सुरक्षित परमाणु सयंत्रों में से एक माना जाता है। इसका उपयोग आर्कटिक क्षेत्र में तेल उत्पादन करने वाले विशाल उपकरणों को उर्जा प्रदान करने के लिए किया जायेगा।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

Advertisement