करेंट अफेयर्स– दिसंबर, 2018

तेल मार्केटिंग कंपनियों ने शुरू किया उज्ज्वला सेनेटरी नैपकिन अभियान

तेल मार्केटिंग कंपनियों ने कारपोरेशन सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के तहत ओडिशा में उज्ज्वला सेनेटरी नैपकिन अभियान शुरू किया। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के अनुसार ओडिशा में केवल 33.5% महिलाएं महावारी के दौरान सैनिटरी नैपकिन का उपयोग करती हैं। ओडिशा में 15-24 वर्ष की 42.8% महिलाएं महावारी के दौरान उचित स्वच्छता विधियों क उपयोग करती हैं। इस समस्या को मध्यनज़र रखते हुए तेल मार्केटिंग कंपनियों ने उज्ज्वला सेनेटरी नैपकिन अभियान शुरू किया।

उज्ज्वला सेनेटरी नैपकिन अभियान के मुख्य बिंदु

  • तेल कंपनियों द्वारा ओडिशा के 30 जिलों में 93 ब्लॉक्स में तेल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा 100 स्थानीय निर्माण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।
  • प्रत्येक फैसिलिटी प्रतिदिन 1200-2000 पैड का उत्पादन कर सकती है।
  • प्रत्येक फैसिलिटी में एक स्टरलाइजेशन कक्ष होगा, जिसमे सभी नैपकिन का कीटाणुशोधन किया जायेगा।
  • तेल कंपनियां एक बार मशीनरी तथा कच्चा माल उपलब्ध करवाएंगी, इसके बाद महिलाएं इसका प्रबंधन करेंगी तथा पैड बेच कर आजीविका कमाएंगी।
  • इस कार्य के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।
  • अभी इस अभियान को पायलट बेसिस पर शुरू किया गया है, यदि यह सफल रहता है तो बाद में इसे पूरे राज्य में शुरू किया जा सकता है।

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ओडिशा सरकार की ख़ुशी योजना: महत्वपूर्ण बिंदु

ओडिशा सरकार की ख़ुशी योजना का उद्देश्य राज्य में महिलाओं को महावारी से सम्बंधित स्वास्थ्य के लिए सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत स्कूली छात्राओं में स्वस्थ्य व स्वच्छता को बढ़ावा दिया जायेगा, जिससे स्कूलों में उनकी उपस्थिति बनी रहे, इससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।

मुख्य बिंदु

इस योजना के तहत ओडिशा के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 6वीं से 11वीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त 17 लाख सेनेटरी नैपकिन्स उपलब्ध करवाए जायेंगे। इस योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस योजना के लिए प्रतिवर्ष 70 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।

योजना को शुरू करने का कारण

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार ओडिशा में 53% महिलाएं अस्वच्छ तथा 69% महिलाएं महावारी के दौरान कपड़े का उपयोग करती हैं, इसका महिलाओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने ख़ुशी योजना को शुरू किया है।

इसके अतिरिक्त ओडिशा सरकार आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा ग्रामीण महिलाओं को 6 रुपये में 6 नैपकिन प्रदान कर रही है।

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