करेंट अफेयर्स – फरवरी, 2019

वस्तु व सेवा कर परिषद् ने आवास पर कर दरों को कम किया

वस्तु व सेवा कर परिषद् ने निर्माणाधीन आवसीय संपत्ति तथा सस्ते आवासीय प्रोजेक्ट्स पर कर दर कम करने का निर्णय लिया है।

मुख्य बिंदु

  • वस्तु व सेवा कर परिषद् ने निर्माणाधीन आवास पर GST दर को 12% से कम करके 5% कर दिया है।
  • यह नई दरें अप्रैल, 2019 से लागू होंगीं।
  • अब निर्माणाधीन तथा सस्ती आवासीय परियोजना की श्रेणी वाले बिल्डर इनपुट टैक्स क्रेडिट का उपयोग नही कर पायेंगे।
  • कर में कमी का लाभ ग्राहकों पर पहुंचाने के लिए सरकार ने कई शर्तें रखीं हैं।
  • सस्ती आवासीय परियोजनाओं को दो श्रेणियों – मेट्रो तथा नॉन-मेट्रो में बांटा गया है।
  • दिल्ली एनसीआर, मुंबई, कलकत्ता, चेन्नई, हैदराबाद तथा बंगलुरु के मेट्रो क्षेत्रों में 45 लाख रूपए तथा 60 स्क्वायर मीटर कारपेट एरिया वाली संपत्तियों को सस्ती आवासीय परियोजनाओं में शामिल किया गया है। जबकि नॉन-मेट्रो क्षेत्रों में 45 लाख रुपये तथा 90 स्क्वायर मीटर कारपेट एरिया वाली संपत्तियों को सस्ती आवासीय परियोजनाओं में शामिल किया गया है।
  • निर्मित हो चुके भवनों के लिए नए नियम लागू करने के लिए एक विधि समिति का गठन किया गया है।

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अफ़ग़ानिस्तान ने चाबहार बंदरगाह से भारत के लिए नया निर्यात मार्ग लांच किया

अफ़ग़ानिस्तान ने चाबहार बंदरगाह से भारत के लिए नया निर्यात मार्ग लांच किया। इस अवसर पर अफ़ग़ानिस्तान के शहर ज़रांज से ईरान के चाबहार बंदरगाह के लिए 57 टन के सूखे फल, कपडे, कारपेट तथा खनिज उत्पाद 23 ट्रकों में भेजे गये। यह कन्साइनमेंट बाद में मुंबई भेजा जाएगा।

चाबहार बंदरगाह भारत, अफ़ग़ानिस्तान और ईरान के बीच मधुर संबंधों का परिचायक है। इससे तीनों देशों के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। चाबहार बंदरगाह से भारत को अफ़ग़ानिस्तान से व्यापार करने के लिए सरल मार्ग मिलेगा। भारत ने चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए काफी निवेश किया है।

चाबहार बंदरगाह

चाबहार बंदरगाह ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित है, यह बंदरगाह सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। यह बंदरगाह चीन द्वारा पाकिस्तान में निर्मित ग्वादर बंदरगाह से केवल 100 नॉटिकल मील दूर स्थित है। भारत ने सर्वप्रथम 2003 में चाबहार बंदरगाह के विकास का प्रस्ताव रखा था। अफ़ग़ानिस्तान तथा मध्य एशिया तक पहुँच बनाने के लिए यह बंदरगाह भारतीय के लिए ‘सुनहरा द्वार’ है। फरवरी, 2018 चाबहार के पहले चरण (शाहिद बेहेश्ती) के क्रियान्वयन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे। इस समझौते के तहत इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड नामक भारतीय कंपनी चाबहार बंदरगाह का अंतरिम प्रभार अपने हाथ में लेगी।

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