करेंट अफेयर्स - जनवरी, 2019

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत क्रियान्वयन मॉडल

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत राज्य को क्रियान्वयन के लिए तीन मॉडल प्रस्तावित किये गये हैं:

बीमा मॉडल

इस मॉडल के तहत बीमा कंपनी को प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा जो बाद में मुआवजा देगी।

ट्रस्ट-बेस्ड मॉडल

इस मॉडल के तहत प्रत्येक राज्य अपने स्तर पर योजना के लिए  ट्रस्ट का निर्माण करेगी तथा मुआवज़े का भुगतान केंद्र तथा राज्य सरकार के योगदान से निर्मित कार्पस से किया जायेगा।

हाइब्रिड मॉडल

इस मॉडल के अधीन मुआवज़े का कुछ हिस्सा बीमा मॉडल के अंतर्गत आता है, शेष ट्रस्ट मॉडल के अंतर्गत प्रसंस्कृत किया जाता है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत)

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक सरकारी स्वास्थ्य योजना है, इसके तहत एक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जायेगा। इसका लाभ किसी सरकारी व कुछ एक निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है। इस योजना में सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 में चिन्हित  परिवारों को शामिल किया जायेगा। यह योजना 32 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के 444 जिलों में लागू होगी।

नोट : इस योजना के लिए दिल्ली, तेलंगाना, ओडिशा तथा केरल  ने MoU पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं।

इस योजना को राष्ट्रीय स्वस्थ्य एजेंसी द्वारा लागू किया जायेगा। इस योजना को लागू करने के लिए राज्यों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी का गठन करना होगा तथा जिला स्तर पर भी इसी प्रकार का गठन करना होगा। इस योजना को आरम्भ में 13,000 अस्पतालों के साथ मिलकर शुरू किया जायेगा।

इस योजना के लिए 60% योगदान केंद्र द्वारा दिया जायेगा, जबकि शेष राशी राज्यों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग भी साथ में कार्य करेगा।

योजना के मुख्य बिंदु

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या व आयु पर कोई सीमा नहीं है।  इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्च को भी शामिल किया जायेगा। इस योजना में हॉस्पिटलाईजेशन के दो दिन पहले की दवा, डायग्नोसिस और बेड चार्जेज शामिल हैं। इसके अलावा हॉस्पिटलाईजेशन की अवधि तथा उसके बाद के 15 दिन के खर्च को इसमें कवर किया जायेगा। हॉस्पिटलाईजेशन के लिए रोगी को परिवहन व्यय भी दिया जायेगा।

उपचार के खर्च का भुगतान सरकार द्वारा पहले ही निश्चित किये गए पैकेज रेट पर किया जायेगा। पैकेज रेट में उपचार से सम्बंधित सभी खर्चे शामिल हैं। राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इन खर्चों में एक सीमा तक परिवर्तन भी कर सकते हैं।

इस योजना के तहत रोगी का देश भर में हॉस्पिटलाईजेशन निशुल्क होगा। इससे देश के निर्धन वर्ग को काफी सहायता मिलेगी और देश में स्वास्थ्य सुरक्षा अधिक लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

इस योजना के तहत लाभार्थी सरकार द्वारा चिन्हित किसी सरकार अथवा निजी अस्पताल से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत वेरिफिकेशन के लिए आधार कार्ड, वोट कार्ड अथवा राशन कार्ड की आवश्यकता पड़ेगी।

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लोकपाल खोज समिति की बैठक का आयोजन किया गया

सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में लोकपाल खोज समिति की पहली बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में लोकपाल के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा की गयी।

लोकपाल खोज समिति के सदस्य

जस्टिस सखा राम सिंह यादव, पूर्व SBI चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य, सेवानिवृत्त आईएएस अफसर रंजित कुमार, पूर्व गुजरात पुलिस प्रमुख ललित के. पंवर, इलाहबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश शब्बीरहुसैन एस. खांडवावाला, प्रसार भारती के चेयरपर्सन ए. सूर्य प्रकाश तथा इसरो के पूर्व प्रमुख ए. एस.किरण कुमार।

डेडलाइन

सर्वोच्च न्यायालय ने लोकपाल खोज समिति को लोकपाल के अध्यक्ष तथा सदस्यों के चयन के लिए नाम भेजने के लिए फरवरी के अंत तक की डेडलाइन दी है।

लोकपाल का चयन

खोज समिति द्वारा प्रस्तावित नामों की छंटनी प्रधानमंत्री मंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा किया जायेगा। इस चयन समिति में लोकसभा स्पीकर, लोकसभा में विपक्ष के नेता, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश अथवा प्रमुख न्यायधीश द्वारा मनोनीत अन्य कार्यशील न्यायधीश तथा राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत प्रतिष्ठित न्यायविद शामिल हैं। राष्ट्रपति ने भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी को प्रतिष्ठित न्यायविद के रूप में मनोनीत किया है।

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