करेंट अफेयर्स - जनवरी, 2019

गोवा के अटल सेतु के बारे में रोचक तथ्य

हाल ही में गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने मंडोवी नदी के ऊपर बने “अटल सेतु” का उद्घाटन किया।

अटल सेतु के बारे में रोचक तथ्य

  • इस चार लेन वाली पुल की लम्बाई 5.1 किलोमीटर है।
  • यह केबल-स्टेड पुल पणजी को उत्तरी गोवा से जोड़ता है।
  • इस पुल का भार 2.5 लाख टन है जो कि 570 बोइंग विमानों के बराबर है।
  • इस पुल का निर्माण 1 लाख क्यूबिक मीटर के उच्च गुणवत्ता युक्त कंक्रीट से किया गया है, इस कंक्रीट से 40 ओलिंपिक साइज़ स्विमिंग पूल भरे जा सकते हैं।
  • इस पुल के निर्माण में 13,000 टन स्टील, 32,000 स्क्वायर मीटर स्ट्रक्चरल स्टील प्लेट्स तथा 1800 किलोमीटर हाई टेंसाइल प्री-स्ट्रेसिंग स्ट्रैंड का उपयोग किया गया है।
  • इस पुल में 88  हाई टेंसाइल स्ट्रेंथ केबल का उपयोग किया गया है।
  • इस पुल का निर्माण GIDC (गोवा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन) द्वारा लार्सेन एंड टुब्रो (L&T) के साथ मिलकर किया गया है।

मंडोवी नदी

मंडोवी नदी (महादायी) कर्नाटक के बेलगावी जिले में खानपुर तालुक में भीमगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य से निकलती है। यह नदी पश्चिम दिशा की ओर बहती है। यह उत्तरी गोवा जिले के सत्तारी तालुक से गोवा में प्रवेश करती है। मार्ग में अन्य कई छोटी-छोटी नदियाँ इसमें प्रवेश करती हैं। यह पणजी में अरब सागर में गिरती है। महादायी नदी की कुल लम्बाई 111 किलोमीटर है, इसकी 76 किलोमीटर लम्बाई गोवा में जबकि 35 किलोमीटर लम्बाई कर्नाटक और महाराष्ट्र में है। महादायी नदी का कुल जल प्रवाह क्षेत्र 2032 वर्ग किलोमीटर है, इसमें से 375 वर्ग किलोमीटर कर्नाटक में तथा 77 वर्ग किलोमीटर जल प्रवाह क्षेत्र महाराष्ट्र में है, जबकि शेष जल प्रवाह क्षेत्र गोवा में है।

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तेज़ी से पिघल रही है ग्रीनलैंड की बर्फ : अध्ययन

टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ डेनमार्क (DTU) स्पेस लैब के अध्ययन का प्रकाशन अमेरिकी पत्रिका प्रोसीडिंग्स ऑफ़ द नेशनल अकैडमी ऑफ़ साइंसेज में किया गया है, इसमें ग्रीनलैंड की आइस शीत में होने वाले परिवर्तनों पर प्रकाश डाला गया है, इस अध्ययन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • ग्रीनलैंड की बर्फ पिघलने के कारण सागर के स्तर में वृद्धि हुई है, 2003 के मुकाबले 2013 में ग्लेशियर के पिघलने की दर में 4 गुना वृद्धि हुई है।
  • 2003 में बर्फ पिघलने की दर प्रतिवर्ष 111 क्यूबिक किलोमीटर थी, जबकि 10 वर्ष बाद यह दर 428 क्यूबिक किलोमीटर प्रतिवर्ष हो गयी है।
  • 2003 तक ग्रीनलैंड में अधिकतर बर्फ उत्तर-पश्चिम तथा दक्षिण पूर्व के ग्लेशियर में ही पिघलती थी। परन्तु 2003 से 2013 के बीच अधिकतर बर्फ ग्रीनलैंड के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में ही पिघली है,इस क्षेत्र में ज्यादा बड़े ग्लेशियर नहीं हैं।
  • तेज़ी से बर्फ के पिघलने का प्रमुख कारण बढ़ता हुआ तापमान है।

इस अध्ययन में कहा गया है कि बर्फ की पिघलने की दर सभी क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न है। 20वीं सदी में विश्व में समुद्र के जलस्तर में औसतन 20 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई, जबकि इस सदी में समुद्र के स्तर में प्रतिवर्ष 3.3 मिलीमीटर की वृद्धि हो रही है।

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