करेंट अफेयर्स - जनवरी, 2019

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 10 लाख के पार पहुंची

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि अब तक 10 लाख से अधिक लोग प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ उठा चुके हैं। इस योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितम्बर, 2018 को लांच किया था। इस योजना का लाभ देश भर में 9000 से अधिक अस्पतालों में उठाया जा सकता है। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के अंतर्गत 600 जिलों में 4900 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। इन केन्द्रों में 700 से अधिक दवाइयां कम कीमतों पर उपलब्ध हैं।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत)

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक सरकारी स्वास्थ्य योजना है, इसके तहत एक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जायेगा। इसका लाभ किसी सरकारी व कुछ एक निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है। इस योजना में सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 में चिन्हित  परिवारों को शामिल किया जायेगा। यह योजना 32 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के 444 जिलों में लागू होगी।

नोट : इस योजना के लिए दिल्ली, तेलंगाना, ओडिशा तथा केरल  ने MoU पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं।

इस योजना को राष्ट्रीय स्वस्थ्य एजेंसी द्वारा लागू किया जायेगा। इस योजना को लागू करने के लिए राज्यों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी का गठन करना होगा तथा जिला स्तर पर भी इसी प्रकार का गठन करना होगा। इस योजना को आरम्भ में 13,000 अस्पतालों के साथ मिलकर शुरू किया जायेगा।

इस योजना के लिए 60% योगदान केंद्र द्वारा दिया जायेगा, जबकि शेष राशी राज्यों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग भी साथ में कार्य करेगा।

योजना के मुख्य बिंदु

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या व आयु पर कोई सीमा नहीं है।  इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्च को भी शामिल किया जायेगा। इस योजना में हॉस्पिटलाईजेशन के दो दिन पहले की दवा, डायग्नोसिस और बेड चार्जेज शामिल हैं। इसके अलावा हॉस्पिटलाईजेशन की अवधि तथा उसके बाद के 15 दिन के खर्च को इसमें कवर किया जायेगा। हॉस्पिटलाईजेशन के लिए रोगी को परिवहन व्यय भी दिया जायेगा।

उपचार के खर्च का भुगतान सरकार द्वारा पहले ही निश्चित किये गए पैकेज रेट पर किया जायेगा। पैकेज रेट में उपचार से सम्बंधित सभी खर्चे शामिल हैं। राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इन खर्चों में एक सीमा तक परिवर्तन भी कर सकते हैं।

इस योजना के तहत रोगी का देश भर में हॉस्पिटलाईजेशन निशुल्क होगा। इससे देश के निर्धन वर्ग को काफी सहायता मिलेगी और देश में स्वास्थ्य सुरक्षा अधिक लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

इस योजना के तहत लाभार्थी सरकार द्वारा चिन्हित किसी सरकार अथवा निजी अस्पताल से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत वेरिफिकेशन के लिए आधार कार्ड, वोट कार्ड अथवा राशन कार्ड की आवश्यकता पड़ेगी।

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पियूष गोयल को चौथे कार्नोट प्राइज से सम्मानित किया गया

भारत के रेल व कोयला मंत्री पियूष गोयल को चौथे कार्नोट प्राइज से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान 30 जनवरी, 2019 को क्लाइनमैन सेण्टर फॉर एनर्जी पालिसी द्वारा प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार उर्जा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य तथा सतत उर्जा समाधान के लिए दिया गया है। 28 अप्रैल, 2018 तक देश में लगभग 19,000 गाँवों तक बिजली की सुविधा पहुंचाई गयी थी। पियूष गोयल ने इनामी राशि को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन को दान करने का निर्णय लिया है।

पियूष गोयल

पियूष गोयल का जन्म 13 जून, 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में हुआ था। वे एक राजनेता हैं, वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे 26 मई, 2014 से 3 सितम्बर, 2017 के बीच नवीन व नवीकरणीय उर्जा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। वे 26 नवम्बर, 2014 से 3 सितम्बर, 2017 तक कोयला मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा उर्जा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। वे 3 सितम्बर, 2017 से रेलवे मंत्री तथा कोयला मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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