करेंट अफेयर्स - जुलाई, 2018

DAC ने दी तट रक्षक बल के लिए 8 फ़ास्ट पट्रोल वेसल के अधिग्रहण को मंज़ूरी

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद् ने तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) 8 फ़ास्ट पट्रोल वेसल (FPV) के अधिग्रहण के लिए मंज़ूरी दी। इन आठ वेसल के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये रूपये खर्च किये जायेंगे। इसके अलावा DAC ने नौसेना उपयोगिता हेलीकाप्टर के लिए प्लेटफार्म सम्बन्धी दिशानिर्देश भी स्वीकृत किये।

मुख्य बिंदु

यह 8 पट्रोल वेसल ‘Buy (Indian-IDDM)’ श्रेणी के तहत लिए जायेंगे। यह वेसल भारत में ही डिजाईन व निर्मित किये जायेंगे। तटतक्षा बल में शामिल किये जाने के कारण भारत की समुद्री सुरक्षा मज़बूत होगी, इससे दिन व रात किसी भी समय में गश्त की जा सकेगी। इन वेसल ने बचाव व राहत कार्य इत्यादि में भी काफी सहायता मिलेगी।

रक्षा अधिग्रहण परिषद् (DAC)

रक्षा अधिग्रहण परिषद् का गठन सैन्य सामान शीघ्रता से प्राप्त करने के लिए वर्ष 2001 में सरकार द्वारा किया गया था। इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री द्वारा की जाती है। DAC सैन्य सामान के अधिग्रहण के लिए दिशानिर्देश  भी जारी करता है।

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लोकसभा ने पारित किया केन्द्रीय होमियोपैथी परिषद् (संशोधन) बिल, 2018

लोकसभा ने ध्वनि मत के द्वारा केन्द्रीय होमियोपैथी परिषद् (संशोधन) बिल, 2018 पारित किया। यह बिल मई, 2018 में राष्ट्रपति द्वारा जारी किये गए अध्यादेश का स्थान लेगा। इस बिल के द्वारा केंद्रीय होमियोपैथी परिषद् अधिनियम, 1973 में संशोधन किया गया है। इसके द्वारा देश में होमियोपैथी की शिक्षा इत्यादि को संचालित किया जाता है।

मुख्य बिंदु

केन्द्रीय परिषद् का अधिक्रमण  : इस बिल के द्वारा केन्द्रीय होमियोपैथी परिषद् अधिनियम, 1973 का अधिक्रमण किया गया। यह अधिनियम मई, 2018 से लागू माना जायेगा। अधिक्रमण के एक वर्ष के भीतर केन्द्रीय परिषद् का पुनर्गठन किया जायेगा। अंतरिम समयकाल के लिए केन्द्रीय परिषद् की शक्तियों का उपयोग बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स द्वारा किया जायेगा।

बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स : बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स में अधिकतम 7 सदस्य हो सकते हैं। इनकी नियुक्ति केन्द्र सरकार द्वारा की जाती है। सदस्यों में से ही किसी एक को सरकार द्वारा अध्यक्ष चुना जायेगा। नीति निर्णय के सम्बन्ध में केंद्र सरकार का फैसला ही अंतिम होगा।

पहले से चल रहे होमियोपैथी कॉलेज से लिए अनुमति : इस बिल के अनुसार यदि अध्यादेश से पूर्व,  पहले से चल रहा कोई होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज अथवा कोई मेडिकल नए कोर्स शुरू करना चाहता है तो उसे केंद्र सरकार से एक वर्ष के भीतर अनुमति प्राप्त करनी होगी। यदि एक साल के भीतर मेडिकल कॉलेज आवश्यक अनुमति नहीं लेता है तो उस कॉलेज द्वारा दी गयी डिग्री इत्यादि मान्य नहीं होगी।

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