करेंट अफेयर्स – जुलाई, 2019

बिहार के राजगीर में किया गया पांचवें धर्मं-धम्म सम्मेलन का आयोजन

बिहार के राजगीर में 27-28 जुलाई, 2019 के दौरान पांचवें अंतर्राष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन का आयोजन किया गया, इस सम्मलेन का उद्घाटन  केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजीजू द्वारा किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन राजगीर द्वारा दूसरी बार किया गया है।

पांचवा अंतर्राष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन

इस सम्मेलन का उद्देश्य लोगों को आतंक,हिंसा, ग्लोबल वार्मिंग इत्यादि के बारे में जागरूक करना है। इस सम्मेलन में बौद्ध धर्म के सत-चित आनंद तथा निर्वच धर्मं-धम्म परंपरा इत्यादि पर भी फोकस किया गया।

इस सम्मेलन  का आयोजन नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा नई दिल्ली के Centre for Study of Religion and Society-India Foundation (CSRS-IF) के साथ मिलकर किया गया। इसमें लगभग 250 विद्वानों तथा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इस सम्मलेन में श्रीलंका के गृह मंत्री गामिनी जयविक्रम परेरा, भूटान व गृह व संस्कृति मंत्री ल्योंपो शेरुब ग्येल्तशेन तथा जूना अखाड़ा के अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने हिस्सा लिया। यह सम्मेलन हिन्दू व बौद्ध चिंतकों के लिए विचार-विमर्श हेतु एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है।

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कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार ने हासिल किया विश्वास मत

कर्नाटक में बी.एस. येदियुरप्पा सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है। कांग्रेस को विश्ववास मत में 105 मत मिले, जबकि कांग्रेस को 99 मत मिले।

कर्नाटक भाजपा के प्रमुख बी.एस. येदयुरप्पा ने हाल ही में कर्नाटक के 31वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है, उन्हें राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा शपथ दिलाई गयी। हाल ही में कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिर गयी थी। येदयुरप्पा चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं, परन्तु वे एक बार भी अपने कार्यकाल को पूरा नहीं कर सके हैं।

हाल ही में कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के 15 विधायकों ने इस्तीफ़ा दिया था, जिस कारण एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गिर गयी थी।

बी.एस. येदयुरप्पा

बी.एस. येदयुरप्पा कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता हैं। 2008 में कर्नाटक विधानसभा चुनावों  में जीत के बाद वे मुख्यमंत्री बने थे, परन्तु 2011 में भ्रष्टाचार के आरोप के बाद उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा। 2016 में उन्हें बरी किया गया। उन्होंने भाजपा को छोड़कर अपनी अलग पार्टी बनायीं, इस पार्टी का नाम “कर्नाटक जनता पक्ष” रखा गया। 2014 में इस पार्टी का विलय भाजपा के साथ कर दिया गया। उन्हें 16वीं लोकसभा के लिए शिमोगा से चुना गया था। बाद में कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता छोड़ दी। उन्होने 17 मई, 2018 को कर्नाटक  के मुख्यमंत्री के रूप में तीसरी बार शपथ ली, परन्तु वे बहुमत नहीं जुटा सके, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा।

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