करेंट अफेयर्स – जुलाई, 2019

सरकार ने 2022 तक 40,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थापना का लक्ष्य रखा

भारत सरकार ने 2022 तक 40,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थापना का लक्ष्य रखा है, इसमें घर की छतों पर लगाए जाने सोलर पैनल भी शामिल है। दरअसल नवीन व नवीकरणीय उर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने इन सन्दर्भ में राज्यसभा में जवाब दिया है।

मुख्य बिंदु

केन्द्रीय नवीन व नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय द्वारा “ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्रोग्राम” का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

भारत में रूफटॉप सोलर इंस्टालेशन : 18 जुलाई, 2019 तक भारत में 1700 मेगावाट के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सिस्टम स्थापित किये जा चुके हैं। औसतन रूफटॉप सोलर प्लांट से 1.5 मिलियन यूनिट प्रति मेगावाट/वर्ष उर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।

गुजरात मॉडल : रूफटॉप सोलर इंस्टालेशन में क्षेत्रफल के आधार पर गुजरात देशभर में पहले स्थान पर है, गुजरात में 261.97 मेगावाट रूफटॉप सौर उर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। 261.97 मेगावाट में से 183.51 मेगावाट उर्जा का उत्पादन सब्सिडी से प्रदान किये गये उपकरणों से किया जा रहां है। गुजरात के बाद महाराष्ट्र में 198.52 मेगावाट तथा तमिलनाडु में 151.62 मेगावाट सौर उर्जा का उत्पादन रूफटॉप सोलर पैनल से किया जा रहा है।

ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्रोग्राम

इस कार्यक्रम का उद्देश्य 2022 तक रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स से 40,000 मेगावाट उर्जा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करना है।

इस योजना का क्रियान्वयन दो चरणों में 11,814 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से किया जा रहा है।

दूसरे चरण में 3 किलोवाट के रूफटॉप सिस्टम (रिहायशी रूफटॉप सिस्टम) के लिए केंद्र द्वारा 40% तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जबकि 3 से 10 किलोवाट तक की क्षमता वाले सिस्टम के लिए यह वित्तीय सहायता 20% है।

सोलर रूफटॉप सिस्टम क्या है?

सोलर रूफटॉप सिस्टम घर, दफ्तर, संस्थान अथवा किसी औद्योगिक ईमारत की छत पर लगाया जा सकता है। यह सिस्टम दो प्रकार का होता है :

  • सोलर रूफटॉप सिस्टम जिसमे बैटरी के द्वारा भण्डारण किया जाता है
  • ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप सिस्टम

1.5 मिलियन यूनिट प्रति मेगावाट/वर्ष उर्जा उत्पादन को मध्य नज़र रखते हुए 2022 तक 38 गीगावाट उर्जा का उत्पादन संभव हो सकेगा, इससे प्रतिवर्ष 45.6 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।

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फेसबुक पर 5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया

सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म फेसबुक पर अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग ने 5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना गोपनीयता तथा डाटा सुरक्षा में चूक के कारण लगाया गया है। फेसबुक ने इस जुर्माने की अदायगी के लिए सहमती प्रकट की है। इसके साथ फेसबुक ने लोगों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए कार्य करने के प्रति भी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की। यूजर्स के डाटा के दुरूपयोग के सम्बन्ध में निवेशकों को गुमराह करने के लिए फेसबुक ने 100 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त जुर्माने के भुगतान के लिए सहमती प्रकट की है।

फेसबुक तथा डाटा सुरक्षा

इससे पहले  यूनाइटेड किंगडम द्वारा डाटा के दुरूपयोग मामले में फेसबुक पर 5 लाख पौंड (4.70 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया था। यह जुर्माना यूनाइटेड किंगडम के सूचना आयुक्त कार्यालय (ICO) द्वारा लगाया गया था। ICO ने फेसबुक पर यूजर्स के डाटा की सुरक्षा न करने का दोषी माना था।

2007 से 2014 के बीच फेसबुक पर यूजर्स के डाटा को सुरक्षित न रखने का आरोप लगाया गया है, दरअसल फेसबुक पर एप्प के ज़रिये एलेग्जेंडर कोगन तथा उनकी कंपनी जीएसआर के द्वारा लगभग 87 मिलियन लोगों के डाटा को यूजर्स की आज्ञा के बिना उपयोग किया गया। बाद में इस डाटा का कुछ हिस्सा SCL समूह के साथ साझा किया गया, SCL कैंब्रिज एनालिटिका की पैरेंट कंपनी है। कैंब्रिज एनालिटिका अमेरिका में चुनावों में कार्य कर चुकी है। डाटा के इस दुरूपयोग का पता 2015 में चल गया था, परन्तु फेसबुक ने इस पर कोई कारवाई नहीं की।

फेसबुक

फेसबुक विश्व की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग कंपनी है, व्हाट्सएप्प और इन्स्टाग्राम इसकी सब्सिडियरी हैं। फेसबुक की स्थापना 4 फरवरी, 2004 को की गयी थी। इसके सह- संस्थापक मार्क जकरबर्ग, एदुआर्दो सेवरिन, एंड्रू मैककॉलम, डस्टिन मोस्कोवित्ज़ और क्रिस ह्यूज़ हैं। फेसबुक का मुख्यालय अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के मेनलो पार्क में स्थित है। जनवरी 2018 के आंकड़ों के अनुसार फेसबुक के लगभग 2.2 अरब यूजर हैं।

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