करेंट अफेयर्स – जुलाई, 2019

संसद ने पारित किया सूचना का अधिकार (संशोधन) बिल, 2019

संसद ने सूचना का अधिकार (संशोधन) बिल, 2019 पारित कर दिया है, लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 218 मत पड़े जबकि इसके विरोध में 79 मत पड़े। अब इस बिल को राज्यसभा ने भी पारित कर दिया है, राज्यसभा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, DMK, RJD, AAP इत्यादि ने वाकआउट किया। विपक्ष इस बिल को सेलेक्ट समिति को भेजने की मांग कर रहा था।

मुख्य बिंदु

इस बिल के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में कुछ एक व्यवस्थाओं में संशोधन किया जायेगा। इस बिल के द्वारा केंद्र सरकार को मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्त के कार्यकाल, वेतन व भत्ते तथा सेवा के नियम व शर्तों में निर्णय लेने की शक्ति प्रदान की जायेगी।

बिल की विशेषताएं

सेवा के नियम व शर्तें : इस बिल के द्वारा केंद्र सरकार को मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों के कार्यकाल पर निर्णय  करने की शक्ति मिलेगी। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार केन्द्रीय स्तर पर मुख्य सूचना आयुक्त तथा राज्य स्तर पर सूचना आयुक्तों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।

वेतन : इस बिल के मुताबिक मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों के वेतन व भत्ते केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किये जायेंगे। सूचना का अधिकार अधिनियम के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों को दिया जाने वाला वेतन मुख्य चुनाव तथा चुनाव आयुक्तों के समान होगा।

वेतन में कटौती : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के समय यदि वे पूर्व में की गयी सरकारी सेवा के लिए पेंशन अथवा अन्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं, तो उनके वेतन में पेंशन के बराबर की राशि कमी की जायेगी। सूचना का अधिकारी (संशोधन) बिल, 2019 के द्वारा इस प्रावधान को हटाया जायेगा।

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रिलायंस बनी फार्च्यून ग्लोबल 500 लिस्ट में शीर्ष भारतीय कंपनी

मुकेश अम्बानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) फार्च्यून ग्लोबल 500 लिस्ट में शामिल होने वाली शीर्ष भारतीय कंपनी बन गयी है, इस वर्ष रिलायंस 106वें स्थान पर है, इस वर्ष रिलायंस की रैंकिंग में 42 स्थानों का सुधार हुआ है। इससे पहले इंडियन आयल कारपोरेशन फार्च्यून ग्लोबल 500 लिस्ट में शीर्ष भारतीय कंपनी थी।

रिलायंस के राजस्व में 32.1% की वृद्धि हुई है, 2018 में रिलायंस का राजस्व 62.3 अरब डॉलर से बढ़कर 2019 में 82.3 अरब डॉलर पर पहुँच गया है। जबकि इंडियन आयल कारपोरेशन का राजस्व 65.9 अरब डॉलर से बढ़कर 77.6 अरब डॉलर पर पहुँच गया है।

सूची में शामिल अन्य भारतीय कंपनियां : आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (160वां स्थान), भारतीय स्टेट बैंक (236वां स्थान), टाटा मोटर्स (265वां स्थान), भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (275वां स्थान) तथा राजेश एक्सपोर्ट्स (495वां स्थान) ।

टॉप 10 कंपनियां

  1. वालमार्ट (अमेरिकी रिटेल कंपनी)
  2. सिनोपेक ग्रुप (चीन की सरकारी तेल व गैस कंपनी)
  3. रॉयल डच शैल (डच कंपनी)
  4. चाइना नेशनल पेट्रोलियम
  5. स्टेट ग्रिड
  6. सऊदी अरामको (सऊदी अरब की तेल कंपनी
  7. ब्रिटिश पेट्रोलियम (ब्रिटिश तेल व गैस कंपनी)
  8. एक्सॉन मोबिल
  9. वोल्क्सवैगन
  10. टोयोटा मोटर्स

फार्च्यून ग्लोबल 500

यह एक वार्षिक रैंकिंग है, इसमें विश्व भर की 500 कंपनियों को शामिल किया जाता है, इन कंपनियों को राजस्व के आधार पर शामिल किया जाता है। इस सूची को फार्च्यून नामक अमेरिकी पत्रिका द्वारा तैयार किया जाता है।

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