करेंट अफेयर्स – जुलाई, 2019

 आज लांच किया जायेगा मिशन चंद्रयान-2

मिशन चंद्रयान-2 को आज 2:43 पर लांच किया जायेगा। भारत का मिशन चंद्रयान-2 15 जुलाई, 2019 को लांच किया जाना था। लॉन्च से मात्र 56 मिनट पहले इसरो को चंद्रयान-2 में कुछ तकनीकी खराबी का पता चला, इसके तुरंत बाद काउंटडाउन को रोककर मिशन को स्थगित किया गया था।

चंद्रयान -2 के लैंडर का नाम “विक्रम” रखा गया है, जबकि इसके रोवर का नाम “प्रज्ञान” रखा गया है।

मिशन चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 भारत का चंद्रमा पर दूसरा मिशन है, यह भारत का अब तक का सबसे मुश्किल मिशन है। यह 2008 में लांच किये गए मिशन चंद्रयान का उन्नत संस्करण है। चंद्रयान मिशन ने केवल चन्द्रमा की परिक्रमा की थी, परन्तु चंद्रयान-2 मिशन में चंद्रमा की सतह पर एक रोवर भी उतारा जायेगा।

इस मिशन के सभी हिस्से इसरो ने स्वदेश रूप से भारत में ही बनाये हैं, इसमें ऑर्बिटर, लैंडर व रोवर शामिल है। इस मिशन में इसरो पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड रोवर को उतारने की कोशिश करेगा। यह रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके चन्द्रमा की सतह के घटकों का विश्लेषण करेगा।

चंद्रयान-2 को GSLV Mk III से लांच किया जायेगा। यह इसरो का ऐसा पहला अंतर्ग्रहीय मिशन है, जिसमे इसरो किसी अन्य खगोलीय पिंड पर रोवर उतारेगा। इसरो के स्पेसक्राफ्ट (ऑर्बिटर) का वज़न 3,290 किलोग्राम है, यह स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा की परिक्रमा करके डाटा एकत्रित करेगा, इसका उपयोग मुख्य रूप से रिमोट सेंसिंग के लिए किया जा रहा है।

6 पहिये वाला रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके मिट्टी व चट्टान के नमूने इकठ्ठा करेगा, इससे चन्द्रमा की भू-पर्पटी, खनिज पदार्थ तथा हाइड्रॉक्सिल और जल-बर्फ के चिन्ह के बारे में जानकारी मिलने की सम्भावना है फिलहाल इजराइल भी दिसम्बर, 2018 में चन्द्रमा पर मिशन उतारने की तैयारी कर रहा है। यह डाटा पृथ्वी तक ऑर्बिटर के द्वारा भेजा जायेगा फिलहाल इजराइल भी दिसम्बर, 2018 में चन्द्रमा पर मिशन उतारने की तैयारी कर रहा है।

चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग करना इस मिशन का सबसे कठिन हिस्सा होगा, अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही यह कारनामा कर पाए हैं। इजराइल का स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा पर क्रेश हो गया था।

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हिमा दास ने एक महीने में जीता पांचवां स्वर्ण पदक

भारत की स्टार धाविका हिमा दास ने एक महीने में पांचवां स्वर्ण पदक जीत लिया है, यह पदक उन्होंने प्राग में 400 मीटर की दौड़ में जीता, उन्होंने इस दौड़ को 52.09 सेकंड में पूरा किया। इसी महीने उन्होंने 200 मीटर की श्रेणी में 4 स्वर्ण पदक जीते हैं।

हिमा दास

हिमा दास का जन्म 9 जनवरी, 2000 को असम के नागाओं जिले में कन्धुलिमारी गाँव में हुआ था। उनके पिताजी पेशे से किसान हैं और चावल की खेती करते हैं। हाल ही में संपन्न एशियाई खेलों में हिमा दास ने 400 मीटर की फाइनल दौड़ में क्वालीफाई करने के लिए 51.00 के समय के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया था। इस स्पर्धा में उन्होंने 50.79 की टाइमिंग के साथ रजत पदक जीता। एशियाई खेल 2018 में उन्होंने महिलाओं की 4X400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीता था। एशियाई खेलों में ही उन्होंने मिश्रित 4X400 मीटर रालय में रजत पदक जीता था। IAAF अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2018 में उन्होंने ट्रैक इवेंट में स्वर्ण पदक जीता था, वे यह उपलब्धि प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं।

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