करेंट अफेयर्स - जून, 2019

क्रिकेट विश्व कप 2019 : भारत ने वेस्ट इंडीज को 125 रनों से हराया

भारत ने वेस्ट इंडीज के विरुद्ध खेले गये मुकाबले को आसानी से अपने नाम किया, इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी की। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 268 रन बनाये। भारत की ओर से लोकेश राहुल ने 48, रोहित शर्मा 18, विराट कोहली 72, विजय शंकर 14 , केदार जाधव 7, एम.एस. धोनी 56, हार्दिक पंड्या ने 46 रनों की पारी खेली। वेस्ट इंडीज की ओर से शेल्डन कॉट्रेल ने 2 विकेट, केमर रोच ने 3 विकेट तथा जेसन होल्डर ने 2 विकेट लिए।

268 रनों का पीछा करना वेस्ट इंडीज के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती थी। क्रिस गेल ने 6, सुनी अम्ब्रिस ने 31, शाई होप ने 5, निकोलस पूरण ने 18, जेसन होल्डर ने 6, कार्लोस ब्रेथवेट ने 1, केमर रोच ने 14,  शेल्डन कॉट्रेल ने 10 तथा ओशेन थॉमस ने 6 रन बनाये। भारत के लिए मोहम्मद शमी ने 4, जसप्रीत बुमराह और युजवेंद्र चहल ने 2-2 विकेट तथा हार्दिक पंड्या और कुलदीप यादव ने 1-1 विकेट लिया।

इस मैच में 72 रनों की शानदार पारी के लिए विराट कोहली को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया। भारत इस विश्व की एकमात्र ऐसी टीम है जो अभी तक एक भी मैच नहीं हारी है, भारत को सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए केवल एक जीत चाहिए।

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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की घोषणा की

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए 5 लाख रूपए की वार्षिक वित्तीय स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की घोषणा की है, इसका लाभ लोकतंत्र सेनानी अथवा उसके जीवनसाथी द्वारा सरकारी अथवा निजी अस्पताल में लिया जा सकता है।

लोकतंत्र सेनानी कौन हैं?

लोकतंत्र सेनानी वे लोग हैं जिन्हें 1975-77 के दौरान आपातकाल के दौरान गिरफ्तार किया गया था। मौजूदा समय में राज्य सरकार द्वारा लोकतंत्र सेनानियों को प्रति माह 10,000 रुपये की पेंशन प्रदान की जाती है, इसके अलावा उन्हें हरियाणा रोडवेज के बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी जाती है।

1975-77 का आपातकाल

भारत में आपातकाल की शुरुआत 25 जून, 1975 को हुई थी, यह आपातकाल 21 महीने तक जारी रहा। इस आपातकाल का अंत 21 मार्च, 1977 को हुआ था।

तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की सलाह के बाद देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था, यह आपातकाल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत लगाया गया था। आपातकाल की घोषणा के पश्चात् शासन का नियंत्रण प्रधानमंत्री के हाथ में आ गया, इस दौरान चुनाव निरस्त कर दिए गये और नागरिक स्वतंत्रता भी समाप्त कर दी गयी थी।

आपातकाल की अवधि के दौरान इंदिरा गाँधी के राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को जेल में डाला गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गयी। इस दौरान मानवाधिकार उल्लंघन के कई मामले भी सामने आये, इस अवधि में बड़े पैमाने पर ज़बरदस्ती लोगों की नसबंदी का अभियान भी चलाया गया था। आपातकाल भारतीय राजनीतिक इतिहास के सबसे विवादस्पद अवधियों में से एक है।

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