करेंट अफेयर्स - मार्च, 2018

कड़कनाथ मुर्गे का GI टैग मध्य प्रदेश को मिला

कड़कनाथ मुर्गे का GI टैग चेन्नई के भौगोलिक संकेतक पंजीयन कार्यालय ने मध्य प्रदेश को दे दिया। कड़कनाथ मुर्गा मध्य प्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर ज़िलों में पाया जाता है। कई दिनों से इसकी प्रजाती को लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच विवाद चल रहा था। दोनों ही राज्यों ने इस प्रजाति के मुर्गे के जीआई टैग को लेकर अपना-अपना दावा पेश किया था। साल 2012 में मप्र ने GI रजिस्ट्री ऑफिस चेन्नई में कड़कनाथ के लिए क्लेम किया था वहीं साल 2017 में छत्तीसगढ़ ने अपना दावा पेश किया था। मध्य प्रदेश का दावा था है कि झाबुआ ज़िले में कड़कनाथ मुर्गे की उत्पत्ति हुई है, जबकि छत्तीसगढ़ का दावा था कि कड़कनाथ को प्रदेश के दंतेवाडा ज़िले में अनोखे तरीके से पाला जाता है और यहां उसका संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन होता है।

“कड़कनाथ”

कड़कनाथ चिकन नस्ल अपने काले रंग के पंखों के कारण अद्वितीय है। पौष्टिकता औऱ स्वाद कड़कनाथ की सबसे खास बात है। कड़कनाथ में 25-27 फीसदी प्रोटीन होता है। आम चिकन में यह 18 से 20 फीसदी होता है। वहीं दूसरे चिकन की तुलना में इसमे फेट भी कम होता है। ये मुर्गा विटामिन-बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, केल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन से भरपूर होता है।

‘जियोग्राफ़िकल इंडिकेशंस टैग’ या भौगोलिक संकेतक का मतलब ये है कि कोई भी व्यक्ति, संस्था या सरकार अधिकृत उपयोगकर्ता के अलावा इस उत्पाद के मशहूर नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकती। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइज़ेशन के अनुसार जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन ये बताता है कि वह उत्पाद एक ख़ास क्षेत्र से ताल्लुक़ रखता है और उसकी विशेषताएं क्या हैं। साथ ही उत्पाद का आरंभिक स्रोत भी जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन से तय होता है।

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1 अप्रैल 2018 से केंद्र सरकार द्वारा शेयरों की बिक्री पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर होगा लागू

केंद्र सरकार ने जानकारी दी है की इक्विटी होल्डिंग्स पर प्रस्तावित दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स )उस मुनाफे पर लागू होगा जिसे 1 अप्रैल 2018 के बाद शेयरों की बिक्री के जरिए हासिल किया जाएगा।

पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) टैक्स 1 अप्रैल से या उसके बाद शेयरों की बिक्री पर लागू होगा, लेकिन पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) की गणना शेयर को खरीदते समय जो उसकी कीमत थी उसमें और 31 जनवरी को बाजार में अधिकतम मूल्य में से जो भी ज्यादा होगा, उसके आधार पर की जाएगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के बजट में शेयरों की बिक्री के मुनाफे पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लगाने की घोषणा की थी, जो कि शेयरों की बिक्री से प्राप्त किए गए मुनाफे पर लागू होगी। वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में एक अप्रैल से एक लाख रुपये से ज्यादा के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 10 फीसद का टैक्स लगाया गया है, हालांकि 31 जनवरी 2018 तक के सभी मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर

कोई भी लाभ जो कि किसी कैपिटल एसेट्स (पूंजीगत परिसंपत्ति) की बिक्री के जरिए प्राप्त किया जाता है उसे पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) कहा जाता है। इस लाभ या मुनाफे पर उस वर्ष कर देनदारी बनती है जब संपत्ति का लेनदेन हुआ हो। हालांकि पैत्रक परिसंपत्तियों पर पूंजीगत लाभ कर लागू नहीं होता है। क्योंकि ऐसे मामलों में बिक्री नहीं शामिल होती है बल्कि संपत्तियों का स्थानांतरण होता है। हालांकि अगर कोई व्यक्ति ऐसी किसी संपत्ति की बिक्री करता है जो कि उसे पैत्रक रूप से मिली है। तो उस पर उसे कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।

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