करेंट अफेयर्स - मई, 2019

केन्या के नैरोबी में किया जा रहा है प्रथम यू.एन. हैबिटैट सत्र का आयोजन

संयुक्त राष्ट्र मानव बस्ती कार्यक्रम (यू.एन. हैबिटैट) के पहले सत्र का आरम्भ 27 मई, 2019 को केन्या के नैरोबी में यू.एन. हैबिटैट के मुख्यालय में हुआ। इसमें भारत को कार्यकारी बोर्ड के लिए चुना गया है। 2019 की सभा के लिए थीम “शहरों व समुदायों में बेहतर जीवन के लिए नवोन्मेष” रखी गयी है। इस प्रथम सभा का आयोजन पांच दिन तक किया जायेगा। इस सभा में चार राष्ट्राध्यक्ष, 40 से अधिक मंत्री, 116 देशों से उच्च स्तरीय प्रतिनिधि तथा 3000 डेलिगेट हिस्सा ले रहे हैं। पहले सत्र में यू.एन. हैबिटैट स्ट्रेटेजिक प्लान 2020-25 की समीक्षा की जायेगी। इस दौरान न्यू अर्बन एजेंडा के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा भी की जायेगी।

संयुक्त राष्ट्र मानव बस्ती कार्यक्रम (यू.एन. हैबिटैट)

  • यह मानव बस्तियों तथा सतत शहरी विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी है, इसकी स्थापना 1978 में की गयी थी। इसका मुख्यालय केन्या के नैरोबी में स्थित है।
  • यू.एन. हैबिटैट की स्थापना 1976 में कनाडा में वैंकोवर में आयोजित प्रथम संयुक्त राष्ट्र मानव बस्ती व सतत शहरी विकास सम्मेलन का परिणाम है।
  • इसका उद्देश्य सामाजिक व पर्यावरणीय रूप से सतत शहरों व कस्बों को बढ़ावा देना है तथा सभी के लिए आश्रय सुनिश्चित करना है।
  • यू.एन. हैबिटैट अपनी रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र महासभा को सौंपता है। यह संयुक्त राष्ट्र विकास समूह (UNDG) का सदस्य भी है।
  • यू.एन. हैबिटैट “हैबिटैट एजेंडा” के अनुकूल अपना कार्य करता है।

यू.एन. हैबिटैट एजेंडा

  • इस एजेंडा को 1996 में सयुक्त राष्ट्र मानव बस्ती सम्मेलन (हैबिटैट II) द्वारा तुर्की के इस्तांबुल में अंगीकृत किया गया था।
  • इस एजेंडा के दो लक्ष्य हैं : सभी के लिए उचित आश्रय तथा आज के शहरीकृत विश्व में मानव बस्तियों का सतत विकास।

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रूस ने विश्व के सबसे बड़े न्यूक्लियर आइसब्रेकर “उराल” को लांच किया

रूस ने हाल ही में प्रोजेक्ट 22220 LK-60Ya श्रेणी का परमाणु आइसब्रेकर “उराल” लांच किया गया, इस आइसब्रेकर को सैंट पीटर्सबर्ग में बाल्टिक शिपयार्ड में लांच किया गया।

इस आइसब्रेकर का निर्माण आर्कटिक की वाणिज्यिक क्षमता का उपयोग करने के लिए किया गया है। उराल को 2022 में रूस के सरकारी परमाणु उर्जा कारपोरेशन रोस्तोम को सौंपा जायेगा। उराल के अतिरिक्त दो अन्य आइस ब्रेकर आर्कतिका और सिबिर का निर्माण भी किया जा रहा है।

इसके द्वारा उत्तरी समुद्री मार्ग पर ज़मी बर्फ को हटाया जायेगा, इससे समुद्री जहाज़ के लिए मार्ग बन सकेगा। यू.एस. जियोलोजिकल सर्वेक्षण के अनुसार आर्कटिक में तेल व गैस के 412 अरब बैरल के भंडार है। उत्तरी समुद्री मार्ग मुर्मन्स्क से लेकर अलास्का के निकट बेरिंग स्ट्रेट तक जाता है।

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