करेंट अफेयर्स - मई, 2019

राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज पर 6 महीने की पाबंदी लगायी गयी

हाल ही में सेबी ने राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज पर 6 महीने की पाबंदी लगा दी है। सेबी ने राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज को निवेशकों के 625 करोड़ रुपये वापस करने का आदेश भी दिया है, इस राशी पर 2014 से 12% की दर से सालाना ब्याज भी देना होगा। यह आदेश राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज की को-लोकेशन फैसिलिटी में खामियों के कारण दिया गया, इस फैसिलिटी का उपयोग करके कुछ एक ब्रोकरों को अनुचित लाभ मिला। इस आदेश के बाद राष्ट्रीय एक्सचेंज अब अगले 6 महीने तक आईपीओ जारी नहीं कर सकता।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)

सेबी 1988 में स्थापित भारत में प्रतिभूति बाजार के लिए सांविधिक नियामक है। इसे सेबी अधिनियम, 1992 के माध्यम से सांविधिक शक्तियां दी गई थीं। इसका मुख्य कार्य प्रतिभूतियों में निवेशकों के हितों की रक्षा करना, प्रतिभूति बाजार के विकास को बढ़ावा देना और प्रतिभूति बाजार को विनियमित करना है। इसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है।

राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE)

राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज देश के सबसे अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज में से एक है, यह मुंबई में स्थित है। इसकी स्थापना 1992 में की गयी थी। इसमें 1952 कंपनियां सूचीबद्ध हैं। अप्रैल, 2018 में इसका कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 2.27 ट्रिलियन डॉलर था, यह विश्व का 11वां सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। NSE का फ्लैगशिप सूचकांक निफ्टी 50 है।

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1 मई : अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस

अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस को मई दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह 1 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय श्रम संघों को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2018 का विषय है – सबसे लिए स्थायी पेंशन : सामाजिक पार्टनर्स की भूमिका (Sustainable Pension for All : The Role of Social Partners) है।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस

सबसे पहले 4 मई 1886 को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस विश्व स्तर पर मनाया गया था। वर्ष 1886 में शिकागो (अमरीका) में श्रमिक आठ घंटे की कार्य दिवस के लिए आम हड़ताल पर थे और पुलिस आम जनता की भीड़ को फैलाने का काम कर रही थी। अचानक भीड़ पर तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने एक बम फेंक दिया. यह देख कर पुलिस ने मजदूरों पर गोलीबारी शुरू कर दी। कुछ प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी से मौत हो गई। इस घटना के बाद मजदूरों को 8 घण्‍टे से ज्‍यादा काम करने पर मनाही की गयी थी। शिकागो में शहीद हुए मजदूरों की कुर्बानियों को याद करते हुए इस दिन पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी जाती है। अमरीका में शहीदों ने अपने संघर्ष से 8 घंटे ड्यूटी का अधिकार दिलाया था।

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