करेंट अफेयर्स - मई, 2019

युवेंतस ने जीता सीरी आ का 2018-19 का खिताब

इटली की लोकप्रिय फुटबॉल लीग सीरी आ का 2018-19 का खिताब युवेंतस में जीत लिया है। गौरतलब है कि इस लीग में युवेंतस ने लगातार 27 मैचों में एक मैच भी नहीं हारा। युवेंतस ने खेले गये कुल 37 मैचों में 90 अंक प्राप्त किये। जबकि दूसरे स्थान पर नेपोली रहा, नेपोली ने 37 मैचों में 79 अंक प्राप्त किये। चौथे स्थान पर अटलान्टा रहा, अटलान्टा ने 66 अंक प्राप्त किये। चौथे स्थान पर रहे इंटरनाजियोनाले ने 66 अंक प्राप्त किये। इस सीजन शानदार प्रदर्शन करने वाले युवेंतस के शानदार स्ट्राइकर क्रिस्टियानोरोनाल्डो को प्लेयर ऑफ़ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया, उन्होंने इस सीजन 21 गोल किये।

युवेंतस

युवेंतस एक इतालवी फुटबॉल क्लब है, यह क्लब इटली के टॉप प्रोफेशनल फुटबॉल लीग “सीरी आ” में हिस्सा लेता है। इस फुटबॉल क्लब की स्थापना 1 नवम्बर, 1897 में की गयी थी। यह फुटबॉल क्लब इटली के टुरिन में बेस्ड है। अब तक युवेंतस 35 बार युवेंतस का खिताब जीत चुका है। मौजूदा समय में युवेंतस में क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जिओर्जियो चिएलिनी, मिरालेम प्यानिच, सामी खेदिरा, पाउलो दिबाला, ब्लेज़ मतुइदी, मारियो मांडज़ुकिच, रोद्रिगो बेन्ताकुर तथा लियोनार्दो बोनुची जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

सीरी आ

सीरी आ इटली की टॉप डिवीज़न प्रोफेशनल फुटबॉल लीग है, यह विश्व की सबसे लोकप्रिय फूटबाल लीग में से एक है। इसमें 20 टीमें हिस्सा लेती हैं। इसकी स्थापना 1898 में की गयी थी। युवेंतस ने सर्वाधिक 35 बार सीरी आ का खिताब जीता है। सीरी आ में हिस्सा लेने वाली प्रमुख टीमें इस प्रकार हैं : युवेंतस, फियोरेन्तिना, कैग्लियरी, इंटरनाजियोनाले, इंटर मिलान, जेनोवा, पारमा, रोमा, नेपोली, तोरिनो, सांपदोरिया, सासुओलो इत्यादि।

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इसरो ने की सात बड़े मिशनों की घोषणा

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान एजेंसी (इसरो) ने हाल ही में अगले 10 वर्षों के लिए सात बड़े मिशनों की घोषणा की, इसमें चंद्रयान-2 भी शामिल है। इसरो ने अगले 30 वर्षों का रोडमैप भी तैयार किया है।

मुख्य बिंदु

  • इन सात मिशनों में चंद्रयान-2 मई, 2019 तक तैयार हो जायेगा और इसे जुलाई, 2019 में लांच किया जाएगा।
  • इसरो द्वारा ब्रह्माण्ड के विकिरण के अध्ययन के लिए XPoSat मिशन 2020 में भेजा जायेगा।
  • इसरो 2021 में सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य-L1 मिशन भेजेगा।
  • 2022 में इसरो मिशन मंगलयान-2 भेजेगा।
  • चंद्रयान-3 मिशन 2024 में भेजा जायेगा।
  • 2023 में शुक्र गृह के लिए मिशन भेजा जायेगा।
  • सोलर मंडल के बाहर ग्रहों की खोज के लिए इसरो 2028 में मिशन भेजेगा।

आदित्य-L1

इस मिशन को 2021 में भेजा जायेगा। इस मिशन के द्वारा सूर्य की कोरोना का अध्ययन किया जायेगा। सूर्य की कोरोना का उपरी वायुमंडल पर काफी असर पड़ता है जिस कारण पृथ्वी में जलवायु परिवर्तन प्रभावित होता है। इस मिशन के द्वारा पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। इस मिशन के लिए स्पेसक्राफ्ट को “लिबरेशन ऑर्बिट” में स्थापित किया जाएगा। यह सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी का 1% हिस्सा है, यह पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर है। इस स्थान पर पृथ्वी तथा सूर्य का गुरुत्वाकर्षण प्रभाव समान होता है।

XpoSat

X-ray Polarimeter Satellite (Xposat) के द्वारा ध्रुवीकरण का अध्ययन किया जाएगा, इस मिशन को 2020 में लांच किया जाएगा। इस पांच वर्षीय मिशन के द्वारा ब्रह्माण्ड में विकिरण का अध्ययन किया जाएगा। इस मिशन में रमण रिसर्च इंस्टिट्यूट द्वारा निर्मित POLIX (Polarimeter Instrument in X-rays) को ले जाया जायेगा। यह स्पेसक्राफ्ट 500-700 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा।

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