करेंट अफेयर्स- नवंबर, 2018

नई दिल्ली में विजेताओं को प्रदान किये गये NASI SCOPUS यंग साइंटिस्ट अवार्ड्स 2018

भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (NASI) SCOPUS युवा वैज्ञानिक पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में विजेताओं को प्रदान किये गये। इस वर्ष यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में प्रदान किये गये। यह श्रेणियां हैं : कृषि, पौधा विज्ञान व ग्रामीण विकास, विज्ञान में महिलाएं, पर्यावरण की दृष्टि से सतत विकास, बायोमेडिकल शोध तथा स्वास्थ्य व इंजीनियरिंग व भौतिक विज्ञान में नवोन्मेष। यह श्रेणियां मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्वस्थ भारत व स्वच्छ भारत के अनुरूप हैं। इस पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र के एक ट्राफी तथा 75,000 रुपये प्रदान किये जाते हैं। इन पांच विजेताओं को पर्यावरण की दृष्टि से सतत विकास 800 उम्मीदवारों में से चुना गया है।

विजेता

कृषि, पौधा विज्ञान व ग्रामीण विकास: जितेंदर गिरी, राष्ट्रीय पौध जीनोम अनुसन्धान संस्थान, नई दिल्ली

बायोमेडिकल शोध तथा स्वास्थ्य: मद्दिका सुब्बा रेड्डी, ग्रुप लीडर व स्टाफ साइंटिस्ट –V, CDFD हैदराबाद

पर्यावरण की दृष्टि से सतत विकास: विमल चन्द्र श्रीवास्तव, IIT रुड़की

इंजीनियरिंग व भौतिक विज्ञान में नवोन्मेष: अजय एस. कराकोती, एसोसिएट प्रोफेसर, अहमदाबाद विश्वविद्यालय

विज्ञान में महिलाएं: झुमुर घोष, बोस इंस्टिट्यूट, कलकत्ता

SCOPUS यंग साइंटिस्ट अवार्ड्स

इसे सर्वप्रथम एम्स्टर्डम बेस्ड वैश्विक प्रकाशक एल्सेविएर ने 2006 में शुरू किया था, इसका उद्द्देश्य विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में शोध करने वाले वैज्ञानिकों की सहायता करना था। भारत ने इस कार्यक्रम को वर्ष 200 में अपनाया। भारत में यह पुरस्कार उन युवा वैज्ञानिकों को दिया जाता है शैक्षणिक शोध में अपना करियर बना रहे हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के उपवर्गीकरण के लिए गठित आयोग के कार्यकाल को बढ़ाया

केन्द्रीय कैबिनेट ने हाल ही में अन्य पिछड़ा वर्ग के उपवर्गीकरण के लिए गठित आयोग के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए मंज़ूरी दे दी है। अब इस आयोग का कार्यकाल 31 मई, 2019 तक बढ़ाया गया है। इस इस आयोग को प्रदान किया जाने वाला चौथा विस्तार है।

पृष्ठभूमि

केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति की मंज़ूरी के बाद अक्टूबर 2017 में पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया था, इस आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत किया गया था। इस आयोग की अध्यक्ष दिल्ली उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी हैं। इस आयोग की रिपोर्ट द्वारा ओबीसी वर्ग में अत्यंत पिछड़े हुए वर्गों को उप-कोटा प्रदान किया जा सकता है।

इया आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत किया गया है, इसी अनुच्छेद के तहत 1979 में मंडल आयोग की स्थापना भी की गयी थी। मंडल आयोग ने शैक्षणिक व सामाजिक रूप से पिछड़े हुए वर्गों को उच्च शिक्षा तथा सरकारी नौकरियों में 27% आरक्षण की अनुशंसा की थी। वर्ष 2015 में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने ओबीसी वर्ग में पिछड़े हुए वर्गों के उपवर्गीकरण की बात कही थी। वर्तमान में देश के 11 राज्यों ने राज्य सेवाओं के लिए ओबीसी का उपवर्गीकरण किया है।

यह आयोग ओबीसी वर्ग में शिक्षा तथा सरकारी नौकरी के सम्बन्ध में असमानता का अध्ययन करेगा, इस अध्ययन के पश्चात् ओबीसी वर्ग का उपवर्गीकरण किया जायेगा। यह आयोग इस उपवर्गीकरण के लिए पैमाना, नियम व अन्य पैरामीटर्स तय करेगा।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement