करेंट अफेयर्स- नवंबर, 2018

सरकार ने लांच किया लोजिक्स इंडिया का लोगो व ब्रोशर

केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग तथा नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने हाल ही में लोजिक्स इंडिया 2019 का लोगो तथा ब्रोशर लांच किया। लोजिक्स इंडिया 2019 का आयोजन 31 जनवरी से 2 फरवरी, 2019 के दौरान किया जायेगा। इसका आयोजन भारतीय निर्यात संघ (FIEO) द्वारा किया जा रहा है।

लोजिक्स इंडिया 2019

इसका उद्देश्य भारत के वैश्विक व्यापार के लिए लोजिस्टिक्स की लागत तथा ऑपरेशनल प्रभावशीलता में सुधार करना है। इसके द्वारा वस्तुओं के परिवहन की लागत को कम करने में सहायता मिलेगी। इस इवेंट में 20 देश हिस्सा लेंगे। लोजिक्स इंडिया 2019 के द्वारा FIEO अधोसंरचना विकास, तकनीकी एकीकरण, वेयरहाउस सुदृढ़ीकरण तथा आईटी इनेबलमेंट इत्यादि निवेश पर फोकस करने का प्रयास करेगा।

आवश्यकता

भारत में अन्य विकसित देशों के मुकाबले लोजिस्टिक्स (वाणिज्यिक सामान का परिवहन) की लागत काफी अधिक है। लोजिस्टिक्स की लागत अधिक होने के कारण घरेलु तथा विदेशी बाज़ार में भारतीय वस्तुएं अधिक महंगी हो जाती हैं, इससे वे अन्य देशों के उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर पातीं। वर्तमान में भारत का लोजिस्टिक्स सेक्टर 115 अरब डॉलर का है, 2032 तक यह बढ़कर 360 अरब डॉलर तक पहुँच जायेगा। वर्ल्ड बैंक लोजिस्टिक्स परफॉरमेंस इंडेक्स 2018 में भारत को 44वां स्थान प्राप्त हुआ था। आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 के अनुसार भारतीय लोजिस्टिक्स उद्योग का मूल्य लगभग 160 अरब है, यह अगले दो वर्षों में 215 अरब डॉलर के मूल्य वाले अमेरिकी लोजिस्टिक्स उद्योग को पछाड़ सकता है। भारतीय लोजिस्टिक्स सेक्टर से 22 मिलियन लोगों को रोज़गार प्राप्त होता है, यह सेक्टर अगले पांच वर्षों में 10.5% की दर से बढ़ सकता है। लोजिस्टिक्स सेक्टर भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की रीढ़ है।

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स्वदेशी रक्षा उद्योग में बौद्धिक सम्पदा अधिकार को बढ़ावा देने के लिए लांच किया गया मिशन रक्षा ज्ञान शक्ति

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में नई दिल्ली में “मिशन रक्षा ज्ञान शक्ति” लांच किया, इसका उद्देश्य स्वदेशी रक्षा क्षेत्र में बौद्धिक सम्पदा अधिकार की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

मिशन रक्षा ज्ञान शक्ति  

इस मिशन की स्थापना रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा की गयी है, इसका उद्देश्य रक्षा निर्माण के क्षेत्र में देश को आत्म-निर्भर बनाना है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारतीय रक्षा निर्माण क्षेत्र में बौद्धिक सम्पदा अधिकारी (IPR) की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके क्रियान्वयन का उत्तरदायित्व गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशक को सौंपा गया है। इस समारोह के दौरान DRDO, सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों तथा आर्डिनेंस फैक्ट्रीज द्वारा किये गये अविष्कार व नवोन्मेष प्रदर्शित किये गये।

पृष्ठभूमि

बौद्धिक सम्पदा अधिकार से नवोन्मेष को बढ़ावा देता है। भारत हमेशा से ही ज्ञान का केंद्र रहा है, परन्तु आविष्कारों को सुरक्षित करने के फ्रेमवर्क के बारे में जानकारी न होने के कारण देश के नवोन्मेष व ज्ञान का पूर्ण उपयोग नहीं हो सकता। अतः देश में बौद्धिक संपदा अधिकार के बारे में जागरूकता फैलाना नितांत आवश्यक है।

रक्षा मंत्रालय ने अप्रैल, 2018 में बौद्धिक सम्पदा सहायता सेल की स्थापना की थी, इसका उद्देश आर्डिनेंस फैक्ट्रीज बोर्ड तथा सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों के 10,000 कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है।

 

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