करेंट अफेयर्स - नवंबर, 2019

कार्टोसैट-3 क्या है?

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन 27 नवम्बर, 2019 को कार्टोसेट-3 नामक इमेजिंग व मैपिंग उपग्रह को लांच करेगा। इसके साथ 13 वाणिज्यिक उपग्रह भी लांच किये जायेंगे।

कार्टोसैट-3

यह तीसरी पीढ़ी का पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह है, इसका निर्माण इसरो द्वारा किया गया है। यह इसरो द्वारा निर्मित सबसे एडवांस्ड इमेजिंग सैटेलाइट्स में से एक है। यह उपग्रह पृथ्वी के हाई रेजोल्यूशन चित्र लेने में सक्षम है। अब तक कुल 8 कार्टोसेट उपग्रह लांच किये जा चुके हैं।

कार्टोसैट का उपयोग शहरी नियोजन, कृषि, जल संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण विकास, पर्यावरण, वानिकी, महासागरीय संसाधन तथा आपदा प्रबंधन के लिए किया जायेगा।

कार्टोसैट-3 तथा अन्य वाणिज्यिक उपग्रहों को श्रीहरिकोटा से PSLV-C47 के द्वारा लांच किया जायेगा। यह 13 वाणिज्यिक उपग्रह लक्सेम्बर्ग बेस्ड स्पेस कंपनी क्लेओस के हैं। यह उपग्रह कंपनी के स्काउटिंग मिशन के उपग्रहों के समूह का हिस्सा हैं। स्काउटिंग मिशन के डाटा का उपयोग समुद्री गतिविधि, निगरानी तथा इंटेलिजेंस से सम्बंधित कार्य के लिए किया जायेगा।

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अयोध्या निर्णय : सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पुनर्विचार याचिका दायर न करने का फैसला लिया

सुन्नी वक्फ बोर्ड  ने अयोध्या मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर न करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने अभी तक मस्जिद के लिए 5 एकड़ भूमि को स्वीकार करने के बारे में कोई फैसला नही लिया है।

सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय

सर्वोच्च न्यायालय ने 5 एकड़ की विवादित भूमि पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। न्यायालय ने केंद्र सरकार को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए किसी अन्य स्थान पर पांच एकड़ भूमि प्रदान करने का आदेश दिया है।

यह निर्णय भारत के मुख्य न्यायधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों वाली पीठ ने सुनाया। इस पीठ में जस्टिस अशोक भूषण, एस.ए. बोबड़े, डी. वाई. चंद्रचूड़ तथा एस. अब्दुल नजीर शामिल है। इस फैसले का समर्थन पाँचों न्यायधीशों ने किया है।

अयोध्या भूमि विवाद की टाइमलाइन

  • 1885 : महंत रघुबर दास ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रथम मुकद्दमा दायर किया।
  • 1949 : बाबरी मस्जिद के अन्दर भगवान् श्री राम की मूर्तियाँ पायी गयीं।
  • 1950 से 1950 के बीच हिन्दू तथा मुस्लिम संगठनों ने 5 अन्य मुकद्दमे दायर किये।
  • 1992 : दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने बाबरी मस्जिद को नष्ट किया।
  • 2010 : इलाहबाद उच्च न्यायालय ने विवादित भूमि को तीन पार्टियों – निर्मोही अखाड़ा, सुन्नी वक्फ बोर्ड तथा राम लल्ला में विभाजित किया था।

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