करेंट अफेयर्स- अक्तूबर, 2018

पाकिस्तान को चीन बेचेगा 48 विंग लूंग II सैन्य ड्रोन

चीन ने पाकिस्तान को 48 विंग लूंग सैन्य ड्रोन बेचने को मंज़ूरी दे दी है। यह आज तक का चीन को किसी भी देश के साथ ड्रोन के निर्यात के लिए किया गया सबसे बड़ा सौदा है। इस सौदे की राशि की जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गयी है। इन 48 ड्रोन विमानों का निर्माण चीन की चेंग्दू एयरक्राफ्ट कॉर्प तथा पाकिस्तान एयरोनॉटिकल काम्प्लेक्स द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। चीन ने पहले मानवरहित ड्रोन को पहले संयुक्त अरब अमीरात और मिस्त्र को 1 मिलियन डॉलर प्रति ड्रोन की दर से बेचा है। जबकि चीन विंग लूंग I को इंडोनेशिया, कजाखस्तान तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों को बीच चुका है।

विंग लूंग II

यह आधुनिक मानवरहित ड्रोन है, इसमें हवा से ज़मीन पर मार कर सकने वाले हथियार इस्तेमाल किये जा सकते हैं। इस निर्माण चेंग्दू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रियल (ग्रुप) कंपनी द्वारा किया जाता है। इस ड्रोन ने फरवरी, 2017 में अपनी पहली उड़ान भरी थी, यह विंग लूंग I मानव रहित ड्रोन का अपग्रेडेड संस्करण है।

इस ड्रोन का उपयोग जासूसी तथा हमला करने के कार्य के लिए किया जा सकता है, इसकी लम्बाई 11 मीटर है, इसके पंखों की लम्बाई 20.5 मीटर है। इसकी पेलोड क्षमता 480 किलोग्राम है। इसमें 12 लेज़र गाइडेड मिसाइलें अथवा YJ-9E युद्धपोत रोधी मिसाइलें इस्तेमाल की जा सकती हैं। यह ड्रोन 20 घंटे तक 150-370 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ान भर सकता है। इस अधिकतम 9000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। यह ड्रोन स्थिर तथा चलनशील लक्ष्य को ध्वस्त करने की क्षमता कर सकता है। परन्तु अमेरिका के MQ-1 प्रिडेटर और MQ-9 रीपर ड्रोन तकनीकी रूप से इस चीनी ड्रोन से काफी बेहतर है।

चीन-पाकिस्तान रक्षा सम्बन्ध

चीन पाकिस्तान सेना का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है। 2013-17 की अवधि में पाकिस्तान की 70% रक्षा खरीद चीन से ही की गयी है, इस दौरान इसमें पिछले 5 वर्षों की तुलना में 45% की वृद्धि हुई है। चीन और पाकिस्तान ने JF-थंडर एयरक्राफ्ट के संयुक्त रूप से निर्माण करने पर भी सहमती प्रकट की है। पाकिस्तान ने 2015 में ‘बुराक’ नाम ड्रोन का निर्माण किया गया, यह ड्रोन चीन के मध्यम रेंज के CH-3 ड्रोन सिस्टम पर आधारित था।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के रोहतक में किया किसान नेता छोटू राम की मूर्ति का अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान नेता सर छोटू राम की मूर्ती का अनावरण हरियाणा के रोहतक में उनके पैतृक गाँव सांपला में किया। इस मूर्ती को प्रसिद्ध मूर्तिकार पद्म विभूषण राम वनजी सुतार ने बनाया है। इस मूर्ती के निर्माण के लिए हरियाणा के लगभग 5,500 किसानों ने लोहा दान दिया था। इस मूर्ती की ऊंचाई 64 फीट है।

सर छोटू राम

सर छोटू राम का जन्म 24 नवम्बर, 1881 को रोहतक में हुआ। उनका मूल नाम राम रिचपाल था। उनकी मृत्यु 9 जनवरी, 1945 को ब्रिटिश भारत के पंजाब में हुई थी। उन्हें किसानों के मसीहा के रूप में जाना जाता है, उन्होंने किसानों के सशक्तिकरण के लिए काफी कार्य किया और किसानों के लिए कानून पारित किये। उन्होंने ब्रिटिश राज में किसानों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। उन्हें 1937 में ‘सर’ की उपाधि प्रदान की गयी थे। उन्होंने स्वतंत्रता से पूर्व नेशनल यूनियनिस्ट पार्टी की स्थापना भी की थी, यह पार्टी संयुक्त पंजाब प्रांत में सत्ता में रही। सर छोटू राम को दीनबंधु तथा रहबरे आज़म भी कहा जाता था।

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