करेंट अफेयर्स- अक्तूबर, 2018

मणिपुर में किया जायेगा 2018 संगाई उत्सव का आयोजन

मणिपुर सरकार राज्य में तीन स्थानों केइबुल लम्जाओ, इम्फाल (हप्ता कांगजेईबुंग तथा लम्बोईखोंगनंगखोंग) में 2018 संगाई उत्सव का आयोजन किया जायेगा। यह एक वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम है।

मुख्य बिंदु

इसका आयोजन मणिपुर पर्यटन विभाग द्वारा किया जाता है, इसका उद्देश्य राज्य को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत करना है। इस वर्ष थाईलैंड की राजकुमारी महा चक्री सिरिन्धोर्ण इस उत्सव में हिस्सा लेंगी। इस उत्सव में भारत में अमेरिका के राजदूत भी भाग लेंगे। इस उत्सव में राज्य के सर्वश्रेष्ठ कला, संस्कृति, हथकरघा, स्थानीय खेल, भोजन ,संगीत, साहसिक खेल तथा मणिपुर के प्राकृतिक सौन्दर्य का प्रदर्शन किया जायेगा। इस उत्सव का नाम संगाई मणिपुर के राज्य पशु “संगाई” के नाम पर रखा गया है, यह पशु केवल मणिपुर में ही पाया जाता है।

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लेखक प्रोफेसर क़ाज़ी अब्दुल सत्तार का हुआ निधन

क़ाज़ी अब्दुल सत्तार उत्तर प्रदेश के उर्दू लेखक व अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उर्दू विभाग के प्रमुख थे, 29 अक्टूबर, 2018 को उनका निधन नई दिल्ली में 85 वर्ष की आयु में हुआ। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में 1933 में हुआ था।

क़ाज़ी अब्दुल सत्तार

वे 1954 में अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय से अनुसंधानकर्ता के रूप में जुड़े थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत लघु कथा लेखक के रूप में की थी। उनकी प्रसिद्ध लघु कथा “पीतल का घंटा” थी। उनकी शुरूआती रचनाएँ अवध क्षेत्र में ज़मींदारी के कम होते प्रभाव पर आधारित थी। बाद में उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं पर उपन्यास लिखे। उनकी प्रमुख रचनाएँ “दाराशिकोह” “खालिद बिन वालिद” तथा “ग़ालिब” हैं। उन्हें 1974 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 1978 में उन्हें ग़ालिब अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वे इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति थे।

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