करेंट अफेयर्स- अक्तूबर, 2019

असम में दो से अधिक बच्चे होने पर अब नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

21 अक्टूबर, 2019 को असम कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि 1 जनवरी, 2021 के बाद जिन लोगों के दो या दो से अधिक बच्चे होंगे, वे सरकारी नौकरी के लिए योग्य नहीं होंगे। सितम्बर, 2017 में असम सरकार ने ‘असम की जनसँख्या तथा महिला सशक्तिकरण नीति’ पारित की थी। इस नीति के तहत जिन लोगों के दो या दो से कम बच्चे हैं वे लोग ही सरकारी नौकरी प्राप्त करने के योग्य होंगे।

असम की स्थिति

असम की जनसँख्या 3.09 करोड़ है। असम से जनसँख्या घनत्व 398 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर (चीन से भी अधिक) है। असम में जनसँख्या वृद्धि की रफ़्तार अन्य राज्यों के मुकाबले काफी तेज़ रही है, असम की जनसँख्या वृद्धि का ब्यौरा निम्नलिखित है :

  • 2013 : 31.86 मिलियन
  • 2104 : 32.28 मिलियन
  • 2015 : 33.41 मिलियन
  • 2016 : 33.90 मिलियन
  • 2017 : 34.92 मिलियन

उपरोक्त डाटा से स्पष्ट है कि असम की जनसँख्या में प्रतिवर्ष एक मिलियन (दस लाख) की वृद्धि हुई है।

असम में जनसँख्या विस्फोट का कारण

असम में जनसँख्या विस्फोट का सबसे बड़ा कारण प्रवास है। 1901 से 2011 के बीच असम की जनसँख्या में नौ गुणा वृद्धि हुई है। 1971 के युद्ध के दौराम असम की जनसँख्या में काफी वृद्धि हुई, इस समय बांग्लादेश से बड़ी संख्या में शरणार्थी असम में आये थे। असम में जनसँख्या विस्फोट का एक अन्य प्रमुख कारण साक्षरता की कमी है।

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दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना को लागू करने पर सहमती प्रकट की

विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना को लागू करने पर सहमती प्रकट कर दी है। इस योजना के तहत छोटे व सीमान्त किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे पहले दिल्ली और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने प्रधानमंत्री किसान योजना को लागू न करने का फैसला किया था।

प्रधानमंत्री किसान निधि योजना (PM-KISAN)

  • केंद्र सरकार छोटे व सीमान्त किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता देगी।
  • इस योजना से सरकार खजाने से 75,000 करोड़ रुपये व्यय किया जायेंगे।
  • इस योजना का उद्देश्य उन किसानों की सहायता करना है जिन्हें ख़राब मौसम अथवा कम कीमत के कारण नुकसान होता है।
  • यह 6000 रुपये की राशि 2000-2000 हज़ार की तीन किश्तों में सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जायेगी।
  • इस योजना का लाभ वे किसान ले सकते हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है।
  • इस योजना से लगभग 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे।

योजना का विश्लेषण

इस योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये दिए जायेंगे, यह राशि 500 रुपये प्रति माह होगी। नाबार्ड बैंक के ग्रामीण वित्तीय सर्वेक्षण 2015-16 में कृषि से किसान की औसत मासिक आय 3,140 रुपये थी। इस प्रकार 500 रुपये प्रति माह से किसान की मासिक आय में 16% की वृद्धि होगी।

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