करेंट अफेयर्स- अक्तूबर, 2019

आज के मुख्य करेंट अफेयर्स समाचार :  13 अक्टूबर, 2019

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण 13 अक्टूबर, 2019 के मुख्य समाचार निम्नलिखित हैं :

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स   

  • भारत और जापान मिजोरम में 19 अक्टूबर से धर्म गार्डियन युद्ध अभ्यास का आयोजन करेंगे।
  • भारत अक्टूबर, 2019 से चीनी पर्यटकों को 5 वर्ष की वैधता वाला ई-टूरिस्ट वीज़ा प्रदान करेगा।
  • केन्द्रीय मंत्री साधवी निरंजन ज्योति ने नई दिल्ली में ‘सरस आजीविका मेला’ का उद्घाटन किया।
  • चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममाल्लापुरम अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में व्यापार तथा निवेश सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

अर्थव्यवस्था व व्यापार से सम्बंधित करेंट अफेयर्स

  • 4 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 437.83 अरब डॉलर तक पहुंचा।

अतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

  • लोक सभा स्पीकर ओम बिरला ने बेलग्रेड, सर्बिआ में इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
  • मास्टर कार्ड तथा वीज़ा फेसबुक की डिजिटल करेंसी लिब्रा से अलग हुए।
  • तुर्की के बलों ने सीरियाई सीमान्त शहर रास अल-आइन को कुर्दों से अपने नियंत्रण में लिया।
  • हॉलीवुड अभिनेता रॉबर्ट फोर्स्टर का निधन 78 वर्ष की आयु में हुआ।
  • 12 अक्टूबर, 2019 को विश्व प्रवासी पक्षी दिवस मनाया गया।

खेल-कूद करेंट अफेयर्स

  • तजिंदर पाल सिंह तूर ने 20.92 मीटर के थ्रो के साथ शॉट पुट में अपने नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ा।
  • सिंगापुर के पीटर गिलक्रिस्ट ने पुरुषों की विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप को जीता।
  • भारत की जमुना बोरो ने महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 54 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीता।
  • भारत की स्टार बॉक्सर मैरीकोम ने महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 51 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीता।
  • भारत की लवलिना बोरगेन ने महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 51 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीता।

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रूस में शुरू हुआ गगनयान के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

भारत में मानव अन्तरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए प्रशिक्षण रूस में शुरू हो गया है। इस मिशन में भारतीय  वायुसेना के चार पायलट हिस्सा लेंगे। इन पायलट्स को रूस में प्रशिक्षण दिया जायेगा।

मिशन गगनयान

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने मिशन गगनयान के लिए दिसम्बर, 2021 को डेडलाइन निश्चित की है। गगनयान के लिए अन्तरिक्षयात्रियों का शुरूआती प्रशिक्षण भारत में ही किया जायेगा, बाद में एडवांस्ड प्रशिक्षण रूस में भी किया जा सकता है। हाल ही में केन्द्रीय कैबिनेट ने मिशन गगनयान के लिए 10,000 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी थी। इस मिशन में तीन अन्तरिक्षयात्रियों को अन्तरिक्ष में 5-7 दिनों के लिए अन्तरिक्ष में भेजा जायेगा। भारत ऐसा कारनामा करने वाला चौथा देश बनेगा

मिशन के मुख्य बिंदु

गगनयान मिशन की लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये आएगी। यह मिशन पूर्ण रूप से स्वदेशी होगा। इस मिशन के वास्तविक लांच से पहले इसरो बिना मानव के दो मिशन लांच करेगा, पहला मिशन 30 महीने में तथा दूसरा मिशन 36 महीने बाद लांच किया जायेगा।

चरण

गगनयान मिशन के लिए GLSV Mk-III लांच व्हीकल का उपयोग किया जायेगा। मिशन गगनयान के स्पेस क्राफ्ट में एक क्रू मोड्यूल तथा एक सर्विस मोड्यूल होगा। इसका भार लगभग 7 टन होगा। इस मिशन में तीन अन्तरिक्ष यात्रियों को 5-7 दिन के लिए अन्तरिक्ष में भेजा जायेगा। इस स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की कक्षा में 300-400 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जायेगा। क्रू मोड्यूल का आकार 3.7 मीटर तथा सर्विस मोड्यूल का आकार 7 मीटर होगा।

परिक्रमा

इस मिशन को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से लांच किया जायेगा। यह स्पेसक्राफ्ट 16 मिनट में अपेक्षित ऊंचाई पर पहुँच जायेगा। इस मिशन के लिए क्रू का चयन भारतीय वायुसेना व इसरो द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। बाद में इस क्रू को 2-3साल तक प्रशिक्षण दिया जायेगा।

वापसी

वापसी के लिए मोड्यूल के वेग को कम किया जाएगा और इसे विपरीत दिशा में घुमाया जायेगा। जब यह पूरा मोड्यूल पृथ्वी की सतह से 120 किलोमीटर की दूरी पर पहुंचेगा तो सर्विस मोड्यूल को अलग किया जायेगा। केवल क्रू वाला मोड्यूल ही पृथ्वी पर पहुंचेगा। इसे पृथ्वी पर पहुँचने में लगभग 36 मिनट लगेंगे। इसरो क्रू मोड्यूल को गुजरात के निकट अरब सागर अथवा गुजरात की खाड़ी में लैंड करवाने की योजना बना रहा है।

इस मिशन को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस से लगभग 6 महीने पहले क्रियान्वित किया जायेगा।

गगनयान के लिए इसरो द्वारा विकसित तकनीक

इसरो अन्तरिक्ष में मानव भेजने के लिए महत्वपूण तकनीकों का परिक्षण कर रहा है। इस मिशन को 10,000 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जायेगा। इसके लिए कई उपकरण तैयार किये जा चुके हैं। इसके लिए हैवी लिफ्ट लांच व्हीकल GSLV मार्क-III, रिकवरी टेक्नोलॉजी, क्रू मोड्यूल, अन्तरिक्ष यात्री प्रशिक्षण व्यवस्था, वातावरण नियंत्रण तथा लाइफ सपोर्ट सिस्टम का सफलतापूर्वक निर्माण कर लिया गया है। दिसम्बर, 2014 में GSLV मार्क-III का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। इसके बाद जून 2017 में GSLV मार्क-III की पहली डेवलपमेंटल उड़ान सफलतापूर्वक भरी थी। जुलाई, 2018 में क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया था। अभी भी कुछ एक टेक्नोलॉजी व उपकरणों का निर्माण किया जाना बाकी है।

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