करेंट अफेयर्स- अक्तूबर, 2019

भारत ने समुद्री डाटा साझा करना शुरू किया

गोवा मेरीटाइम कॉन्क्लेव 2019 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने हिन्द महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सागर में मौजूद पोत के बारे में डाटा साझा करने की पेशकश की थी। भारत के पास सागर में मौजूद पोत के बारे में जाता प्राप्त करने के लिए IFC-IOR नामक स्पेशलाइज्ड केंद्र है। यह केंद्र सूचना शेयरिंग हब के रूप में कार्य करता है।

Information Fusion Centre-Indian Ocean Region (IFC-IOR)

इसे 22 दिसम्बर, 2018 को तत्कालीन रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा हरियाणा के गुरुग्राम में सूचना प्रबंधन व विश्लेष्ण केंद्र में लांच किया गया था। इसका उद्देश्य हिन्द महासागर क्षेत्र में विभिन्न देशों के साथ समुद्री सुरक्षा के लिए कार्य करना है।

विश्व का 75% समुद्री व्यापार हिन्द महासागर क्षेत्र से होकर गुज़रता है, इसलिए यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार तथा आर्थिक समृद्धि के लिए आवश्यक है।

Information Fusion Centre-Indian Ocean Region आपदा प्रबंधन तथा पनडुब्बी सुरक्षा सूचना इत्यादि जैसे कार्य करता है। अब तक यह केंद्र 16 देशों तथा 13 अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के साथ लिंक स्थापित कर चुका है।

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भारत को सौंपा गया पहला राफेल लड़ाकू विमान

भारत को फ्रांस से पहला राफेल लड़ाकू विमान 8 अक्टूबर को सौंपा गया। इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस गये थे, वहां पर उन्होंने राफेल के लिए शस्त्र पूजा की। 8 अक्टूबर को वायुसेना का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है।

मुख्य बिंदु

गौरतलब है कि छोटे-छोटे बैच में भारतीय पायलट्स को फ़्रांसिसी वायुसेना द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मई, 2020 तक फ्रांस भारतीय वायुसेना के 24 पायलट्स को तीन बैच में प्रशिक्षण प्रदान करेगा। भारतीय वायुसेना राफेल के एक-एक स्क्वाड्रन को अम्बाला (हरियाणा) तथा हाशिमारा (पश्चिम बंगाल) के एयरबेस में तैनात करेगी। भारतीय वायुसेना ने इन दो एयरबेस में आवश्यक अधोसंरचना जैसे शेल्टर, हेंगर तथा मेंटेनेंस फैसिलिटी के लिए लगभग 400 करोड़ का व्यय किया है।

सितम्बर, 2016 में भारत ने फ़्रांसिसी सरकार तथा दसौल्ट एविएशन के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 7.8 अरब यूरो के सौदे पर हस्ताक्षर किये थे। सौदे पर हस्ताक्षर किये जाने के 67 महीनों के भीतर भारत को सभी राफेल लड़ाकू विमानों की डिलीवरी कर दी जायेगी।

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