करेंट अफेयर्स – सितंबर, 2019

भारतीय तटरक्षक बल ऑफशोर पट्रोल वेसल ‘वराह’ को कमीशन किया गया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 25 सितम्बर, 2019 को चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट में भारतीय तटरक्षक बल ऑफशोर पट्रोल वेसल ‘वराह’ को कमीशन किया। इसका निर्माण लार्सेन एंड टूब्रो शिपबिल्डिंग लिमिटेड द्वारा किया गया है।

यह नया पोत को न्यू मंगलोर से ऑपरेट करेगा, यह कन्याकुमारी तक के क्षेत्र को कवर करेगा। यह कमांडर कोस्ट गार्ड (पश्चिमी क्षेत्र) के नियंत्रण में कार्य करेगा।  इस पोत में 14 अफसर तथा 89 कर्मचारी कार्य करेंगे। इस पोत से भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री आतंकवाद, तस्करी तथा अन्य समुद्री समस्याओं से निपटने की क्षमता में वृद्धि होगी।

ICGS वराह

यह 98 मीटर के 7 ऑफशोर पट्रोल वेसल की श्रृंखला का चौथा पोत है। इसका निर्माण लार्सेन एंड टूब्रो द्वारा उत्तरी चेन्नई में कटुपल्ली शिप बिल्डिंग यार्ड में किया गया है।

विशेषताएं

  • इस पोत में नवीनतम नौसंचालन तथा संचार उपकरण लगाए गये हैं।
  • यह एक ट्विन एगिने हेलीकाप्टर तथा 4 हाई स्पीड बोट ले जाने में सक्षम है।
  • इसमें अत्याधुनिक सेंसर तथा मशीनरी का उपयोग किया गया है। इसमें 33 मिलीमीटर की गन भी लगायी गयी है।
  • इस पोत में इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, ऑटोमेटेड पॉवर मैनेजमेंट सिस्टम, इंटीग्रेटेड प्लेटफार्म मैनेजमेंट सिस्टम तथ हेलो ट्रेवर्सिंग सिस्टम भी उपलब्ध हैं।

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केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ अभियान लांच किया

केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 25 सितम्बर को ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ अभियान लांच किया। इसका उद्देश्य देश से टीबी को समाप्त करना है। इस अभियान के तहत सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि टीबी से पीड़ित लोगों को सरकारी तथा निजी अस्पतालों में निशुल्क तथा उच्च गुणवत्ता युक्त उपचार उपलब्ध हो सके। संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक विश्व में टीबी को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। जबकि भारत ने देश से टीबी को 2025 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।

क्षय रोग (टीबी)

क्षय रोग के फैलने का सबसे बड़ा कारण है इस बीमारी के प्रति लोगों में जानकारी का अभाव। टीबी (क्षय रोग) यानि ट्यूबरक्लोसिस एक संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टिरीयम ट्यूबरक्यूलोसिस नाम के बैक्टीरिया की वजह से होता है। ये बीमारी हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे में फैलती है। सबसे आम फेफड़ों की टीबी है लेकिन ये गर्भाशय, मुंह, लिवर, किडनी, गला,ब्रेन, हड्डी जैसे शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। टीबी बैक्टीरिया शरीर के जिस भी हिस्से में होता है उसके टिश्यू को पूरी तरह से नष्ट कर देता है और उससे उस अंग का काम प्रभावित होता है।

टीबी के लक्ष्ण हैं :

खांसते समय बलगम में खून का आना,भूख में कमी, थकान और कमजोरी का एहसास, सीने में दर्द, बार बार खांसना, बुखार, गले में सूजन और पेट में गड़बड़ी का होना।

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