करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

प्रधानमंत्री मोदी 10 जुलाई को एशिया के सबसे बड़े सोलर प्लांट का उद्घाटन करेंगे

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई, 2020 को  750 मेगावाट के रीवा अल्ट्रा मेगा सौर संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। अब तक, 750 मेगावाट का रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट भारत में और एशिया में सबसे बड़ी सिंगल-साइट सौर ऊर्जा परियोजना है।

रीवा अल्ट्रा मेगा सौर ऊर्जा परियोजना

रीवा अल्ट्रा मेगा सौर ऊर्जा परियोजना मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुरु तहसील में स्थित है। यह 1,590 एकड़ भूमि में फैली हुआ है। इस पावर प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन के लिए, सोलर एनर्जी कारपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) और मध्य प्रदेश उर्जा विकास निगम लिमिटेड (MPUVNL) के बीच एक संयुक्त उद्यम कंपनी की स्थापना की गई थी। संयुक्त उद्यम कंपनी का नाम रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL) है।

सौर ऊर्जा परियोजना की पूरी लागत लगभग 4000 करोड़ रुपये है। अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) इस सौर ऊर्जा परियोजना के लिए लेनदेन सलाहकार है। 31 जनवरी, 2018 को विश्व बैंक समूह ने परियोजना के आंतरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए 30 मिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन 750 मेगावाट के रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट का एक संस्थागत ग्राहक है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट द्वारा उत्पादित बिजली का 24 प्रतिशत हिसा दिल्ली मेट्रो को आपूर्ति की जाएगी।

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1 जुलाई तक ECLGS के तहत बैंकों ने 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किये

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) की घोषणा आत्मनिर्भर भारत पैकेज के एक हिस्से के रूप में  सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के समर्थन के लिए की थी।

1 जुलाई, 2020 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और देश भर में निजी बैंकों ने ECLGS के तहत 1.10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा ऋण मंजूर किये है। इस 1.10 लाख करोड़ रुपये में से 52,000 करोड़ रुपये 1 जुलाई, 2020 तक वितरित किये जा चुके हैं।

जिन 52000 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है, उनमें से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 33,000 करोड़ रुपये का वितरण किया है। इस 33,000 करोड़ रुपये को पूरे देश में लगभग 12,59,000 MSMEs के लिए वितरित किया गया था। लगभग 1,45,000 MSME को निजी बैंकों द्वारा शेष 19,000 करोड़ रुपये का वितरण किया गया था।

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) क्या है?

देशव्यापी लॉकडाउन के बाद, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण था कि देश भर में एमएसएमई और अन्य व्यवसायों की तरलता संबंधी चिंताओं को सरकार द्वारा दूर किया जाए। ECLGS ने MSMEs को अपने व्यवसायों को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक क्रेडिट प्रदान किया है।

ECLGS के तहत, बैंकों को प्रोत्साहन दिया गया ताकि देश भर में MSME और व्यवसायों को 3 लाख करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा सके। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (NCGTC) ECLGS के तहत बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण के लिए 100 प्रतिशत गारंटी प्रदान करेगी।

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