करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

सितम्बर 2018 को राष्ट्रीय पोषण मास के रूप में मनाया जायेगा

केन्द्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय ने सितम्बर 2018 को राष्ट्रीय पोषण मास के रूप में मनाये जाने की घोषणा की है, इसका उद्देश्य देश में कुपोषण की समस्या को समाप्त करना है। इसके महीने भर अभियान चलाया जायेगा, इस अभियान का उद्देश्य ‘हर घर पोषण त्यौहार’ का सन्देश पहुँचाना है।

राष्ट्रीय पोषण मास

इसका उद्देश्य प्रसवपूर्व देखभाल, स्तनपान तथा एनीमिया, तथा बालिकाओं के लिए पोषण का महत्व, स्वच्छता तथा विवाह की सही उम्र के बारे में जागरूकता फैलाना है। इसका आयोजन संयुक्त रूप से नीति आयोग, महिला व बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, पेयजल व स्वच्छता मंत्रलाय, आवास व शहरी मामले मंत्रालय, अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, सूचना व प्रसारण मंत्रालय, उपभोक्ता मामले मंत्रालय, जनजातीय मामले मंत्रालय तथा आयुष मंत्रालय द्वारा द्वारा किया जायेगा।

पृष्ठभूमि

भारत में कुपोषण का समस्या काफी गंभीर है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के अनुसार भारत के 38% बच्चों की ऊंचाई कम है, 21% बच्चों का भार उनकी ऊंचाई के मुकाबले बहुत कम है जबकि 35.7% बच्चों का वज़न आवश्यकता से कम है। 2005-06 के मुकाबले 2015-16 में बच्चों के शारीरिक विकास में कमी आई है, 2005-06 में 19.8% बच्चों का भार उनकी ऊंचाई के अनुरूप कम था, जबकि 2015-16 में यह आंकड़ा बढ़ कर 21% हो गया। 2017 में विश्व भूख सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) में भारत का स्थान 119 देशों में 100वां था। भारत में औसतन 5 बच्चों में से एक बच्चा वेस्टेड (ऊंचाई के अनुरूप वज़न कम होना) है। सरकार ने पोषण अभियान के लिए 9000 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की है, यह मार्च, 2018 में लांच किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों, महिलाओं व किशोरियों  के शारीरिक विकास के मार्ग में बाधाओं को दूर करना है। इस अभियान का उद्देश 2022 तक बच्चों में स्टंटिंग (कुपोषण के कारण ऊंचाई कम होना) की दर को 38.4% से कम करके 25% तक लाना है।

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भारतीय सेना के पूर्व जनरल दलबीर सिंह सुहाग को अमेरिकी सरकार ने लीजन ऑफ़ मेरिट से किया सम्मानित

अमेरिकी सरकार ने भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जनरल दलबीर सिंह सुहाग को लीजन ऑफ़ मेरिट से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें अगस्त, 2014 से लेकर दिसम्बर, 2016 तक उत्कृष्ट सेना प्रमुख के रूप में सेवा देने के लिए दिया गया है। इसके साथ ही वे राजेन्द्रसिंहजी जडेजा (1946) के बाद यह सम्मान प्राप्त करने वाले दूसरे भारतीय बने।

मुख्य बिंदु

इस अवार्ड के द्वारा आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन तथा 2015 में नेपाल में भूकंप के दौरान बचाव व राहत कार्य में उनकी भूमिका की सराहना की गयी। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के शान्ति मिशन में भारतीय सेना के योगदान के लिए भी उनका आभार व्यक्त किया गया।

पृष्ठभूमि

जनरल दलबीर सिंह सिंह के लिए लीजन ऑफ़ मेरिट की घोषणा अमेरिकी सरकार ने मार्च 2016 में की थी। उन्हें यह पुरस्कार अप्रैल 2016 में उनकी अमेरिका की यात्रा के दौरान दिया जा था, परन्तु सरकारी मंज़ूरी सम्बन्धी प्रक्रिया के कारण इसमें देर में हो गयी।

लीजन ऑफ़ मेरिट

यह अमेरिकी सशस्त्र सेनाओं का सैन्य सम्मान है जो सैन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन अथवा योगदान के लिए दिया जाता है। इस अवार्ड में चार डिग्री हैं : डिग्री ऑफ़ चीफ कमांडर, डिग्री ऑफ़ कमांडर, डिग्री ऑफिसर और डिग्री ऑफ़ लीजनेयर। यह फ्रांस के लीजन ऑफ़ ऑनर से काफी प्रभावित है।

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