करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

स्मार्ट शहरों के सीईओ का पहला बड़ा सम्मेलन भोपाल में आयोजित

स्मार्ट शहरों के सीईओ का पहला बड़ा सम्मेलन भोपाल में आयोजित किया गया। यह केंद्रीय शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था तथा आवास /शहरी मामलों के राज्य मंत्री (आई / सी) द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। सम्मेलन का उद्देश्य पूरे देश में स्मार्ट शहर मिशनों में सभी सर्वोत्तम प्रथाओं (best practices) को शामिल करने हेतु एकल मंच प्रदान करना था ताकि काम की प्रगति में तेजी लाने के लिए सामूहिक शिक्षा का उपयोग करने हेतु शहर के प्रमुखों तथा नेताओं की सहायता हो सके। इसका उद्देश्य 2.5 सालों से प्राप्त अनुभव को पार करने, साझा करने और प्रसारित करने के लिए गति प्रदान करना है।

मुख्य तथ्य

दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन स्मार्ट सिटी सीईओ के बीच क्रॉस लर्निंग और ज्ञान साझा करने हेतु मंच प्रदान करने के लिए किया गया था। इसने सीईओ को सभी शहर के प्रमुखों /नेताओं के अनुभवों से सीखने के लिए सक्षम किया ताकि सफलता और असफलताओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त हो सके।

स्मार्ट सिटी सीईओ के अलावा, सम्मेलन ने नगर निगम, राज्य और केंद्र सरकार और नागरिक समाज, अकादमिक, उद्योग इत्यादि से स्मार्ट सिटी मिशन में कई अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों की भागीदारी देखी गयी।

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महिला सुरक्षा हेतु अतिरिक्त 100 वन स्टॉप सेंटर स्थापित करेगी सरकार

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) ने अपने कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) की बैठक में हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए अतिरिक्त 100 वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। ये ओएससी हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में स्थापित की जायेगीं ।

वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) योजना

वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) की स्थापना के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) ने केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की थी। इसे निर्भया फंड से वित्त पोषित किया जाता है। इन ओएससी का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए एक छत के नीचे पुलिस सहायता, चिकित्सा सहायता, मनोवैज्ञानिक -सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता,5 दिनों के लिए अस्थायी प्रवास जैसे एकीकृत सेवाएं प्रदान करना है। हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक छत के नीचे एकीकृत समर्थन और सहायता प्रदान करने के लिए देश भर में इन केंद्रों की स्थापना की जा रही है।
अब तक, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अप्रैल 2015 से 182 केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों ने 33 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में हिंसा से प्रभावित 1.3 लाख से अधिक महिलाओं की सहायता की है।

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