करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

रेमन मैगसेसे अवार्ड 2018 : दो भारतीयों को इस बार किया जायेगा सम्मानित

भारत के सोनम वांगचुक और भरत वतवानी को इस बार रेमन मैगसेसे अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। रेमन मैगसेसे अवार्ड कुल 6 लोगों को दिया जा रहा है, इसे एशिया का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है। इस बार रेमन मैगसेसे अवार्ड से कम्बोडिया के यूक छंग, ईस्ट तिमोर के मारिया डी लौर्देस मार्टिंस क्रूज़, फिलीपींस के होवार्ड डी और वियतनाम के वो थी होआंग येन को सम्मानित किया जायेगा। विजेताओं को एक प्रमाण पत्र, फिलीपींस के नेता रेमन मैगसेसे के चित्र वाला मैडल और धन राशि दी जाएगी। यह सम्मान उन्हें अगस्त, 2018 में फिलीपींस में दिया जायेगा।

मुख्य बिंदु

भरत वतवानी : भारत वतवानी एक मनोरोग चिकित्सक हैं, वे मुंबई की गलियों में रहने वाले मानसिक रूप से बीमार लोगों का इलाज करते हैं। रेमन मैगसेसे अवार्ड के द्वारा भरत वतवानी के सराहनीय कार्य को सम्मानित किया जा रहा है।

सोनम वांगचुक : सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक हैं, उन्होंने लद्दाख के निर्धन परिवार के बच्चों को पढ़ाने के लिए 1988 में Students’ Education and Cultural Movement of Ladakh की स्थापना की थी। इसके द्वारा लद्दाख के युवाओं को काफी नए अवसरों की प्राप्त हुई और उनके जीवन में काफी परिवर्तन आया। थ्री इडियट्स फिल्म में फुन्सुक वांगडू का चरित्र सोनम वांगचुक से प्रेरित है।

रेमन मैगसेसे अवार्ड

रेमन मैगसेसे अवार्ड एशिया का सबसे बड़ा सम्मान है और इसे एशिया का नोबेल प्राइज भी कहा जाता है। इसकी स्थापना 1957 में रॉकफेलर ब्रदर्स फण्ड और फिलीपींस सरकार ने की थी। इसकी स्थापना फिलीपींस के तीसरे राष्ट्रपति रेमन मैग्सेसे की याद में की गयी थी, उनकी मृत्यु मार्च 1957 में एक हवाई दुर्घटना में हुई थी। यह अवार्ड प्रत्येक वर्ष एशियाई देशों में उत्कृष्ट काम करने वाले लोगों को दिया जाता है।

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DTAB की उप-समिति ने दिया 343 फिक्स्ड दवा कॉम्बिनेशन को प्रतिबंधित करने का सुझाव

DTAB (Drug Technical Advisory Board) की उप-समिति ने 343 फिक्स्ड दवा कॉम्बिनेशन (FDC) को प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया है, यह फैसला 349 FDC का मूल्यांकन करने के बाद किया गया। फिक्स्ड दवा कॉम्बिनेशन का अर्थ है दो या दो अधिक दवाइयों का निश्चित डोज़ अनुपात।

मुख्य बिंदु  

DTAB उप-समिति ने 343 FDC पर प्रतिबन्ध लगाने के फैसला किया है, इसके अलावा 3 FDC को विशेष परिस्थितियों के लिए सीमित किया गया है। जबकि तीन अन्य FDC को विशिष्ट तत्त्व को मात्रा के लिए सीमित किया है। उप-समिति ने यह भी कहा कि इन FDC का उपयोग अन्यावश्यक ओवरयूज़ अथवा अनावश्यक तत्व (ingredients) रोगी के शरीर में चले जायेंगे।

पृष्ठभूमि 

मार्च 2016 में केंद्र सरकार ने कोकाटे समिति के सुझाव पर 344 FDC को प्रतिबंधित किया था। यह बढती हुई ‘एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस’ का प्रमुख कारण है। बाद में दिसम्बर, 2016 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकार के इस प्रतिबन्ध को निरस्त किया था।

बाद में यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में चला गया। सर्वोच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय को DTAB की विशेषज्ञ समिति द्वारा इन FDC का पुनरवलोकन करवाने के लिए कहा। इन FDC पर प्रतिबन्ध लगाने, रेगुलेट करने, उपयोग सीमित करने, उत्पादन, बिक्री इत्यादि पर निर्णय लेने की शक्ति भी इस उप-समिति को दी गयी थी।

DTAB (Drug Technical Advisory Board)

DTAB दवाओं से जुड़े तकनीकी मामलों पर निर्णय लेने के लिए सर्वोच्च वैधानिक संस्था है। इसका गठन ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 के तहत किया गया था। यह स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय में Central Drugs Standard Control Organization (CDSCO) के अधीन कार्य करती है।

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