करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

दिग्गज डच फुटबॉलर वेस्ले श्नाईडर ने फुटबॉल से सन्यास की घोषणा की

दिग्गज डच फुटबॉलर वेस्ले श्नाईडर ने प्रोफेशनल फुटबॉल से सन्यास की घोषणा की। उन्होंने पिछले वर्ष सितम्बर में अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल से सन्यास लिया था, उन्होंने 2003 से लेकर 2018 के बीच नीदरलैंड की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को अपनी  सेवाएं दी।

वेस्ले श्नाईडर

वेस्ले श्नाईडर नीदरलैंड के दिग्गज फुटबॉलर हैं। उनका जन्म 9 जून, 1984 को हुआ था। वे एक आक्रामक मिडफील्डर की भूमिका निभाते हैं। वे अपने युवा करियर के  दौरान 1991 से 2002 तक अयाक्स में रहे। बाद में वरिष्ठ करियर की शुरुआत भी उन्होंने अयाक्स के साथ की, वे 2002 से 2007 के बीच अयाक्स के साथ रहे, अयाक्स के लिए उन्होंने 126 मैचों में 43 गोल किये। 2007 से 2009 के बीच उन्होंने अपनी सेवाएं स्पेनिश फुटबॉल क्लब रियाल मेड्रिड को दी, मेड्रिड के लिए उन्होंने 52 मैचों में 11 गोल किये। 2009 से 2013 के बीच वे इतालवी क्लब इंटरमिलान के साथ रहे, इंटर मिलान के लिए उन्होंने 76 मैचों में 13 गोल किये। 2013 से 2017 के बीच उन्होंने  गलातासरे के लिए 124 मैचों में 35 गोल किये। 2017-18 के सीजन के दौरान उन्होंने नीस के लिए पांच मैच खेले। इसके बाद 2018-19 सीजन के दौरान उन्होंने अल गराफा के लिए 22 मैचों में 15 गोल किये।

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सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 370 पर दायर याचिका पर आदेश पारित करने से इनकार किया

सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 370 को हटाये जाने पर दायर याचिका पर आदेश पारित करने से इनकार किया, तहसीन पूनावाला ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के बाद जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में  जम्मू-कश्मीर से प्रतिशेधात्म्क आदेश हटाने की मांग की थी। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय बेंच ने मामले को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में हालत सामान्य होने के लिए अभी और समय की आवश्यकता है।

पृष्ठभूमि

इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित किया, इसके द्वारा राज्य का विभाजन दो केंद्र शासित प्रदेशों में किया जायेगा। क्षेत्रफल के हिसाब से जम्मू-कश्मीर देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख क्षेत्रफल के आधार पर देश का दूसरा सबसे केंद्र शासित प्रदेश होगा।

5 अगस्त, 2019 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की बात भी कही गयी है। लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा, परन्तु इसकी कोई विधानसभा नहीं होगी। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को भी अब केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह निर्णय लागू हो जायेगा। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा भी समाप्त हो जायेगा।

पिछले कुछ दिनों में कश्मीर में हलचल बढ़ जाने के बाद एक बार फिर से अनुच्छेद 370 तथा अनुच्छेद 35-A काफी सुर्ख़ियों में हैं। दरअसल हाल ही में कश्मीर में बड़ी संख्या में सैन्य बल की तैनाती से सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 तथा अनुच्छेद 35-A पर कदम उठाने की आशंका जताई जा रही थी। हाल ही में कश्मीर के लिए 28,000 अतिरिक्त सैन्य भेजने का निर्णय लिया था। सरकार ने कश्मीर में वायुसेना तथा थलसेना को हाई अलर्ट पर रखा है।

अनुच्छेद 370

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य को स्वायत्ता प्रदान की गयी है। इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर के निम्नलिखित 6 विशेष प्रावधान किये गये हैं :

  • इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे से बाहर रखा गया है, जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना अलग संविधान है।
  • जम्मू-कश्मीर पर केन्द्रीय विधानपालिका की शक्तियां सीमित हैं। केवल रक्षा, विदेश मामले तथा संचार पर ही केन्द्रीय विधानपालिका का नियंत्रण है।
  • राज्य सरकार की सहमती के पश्चात् ही जम्मू-कश्मीर में केन्द्रीय विधानपालिका की संवैधानिक शक्तियों को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह सहमती अस्थायी होगी, इसके लिए राज्य विधानसभा में पारित करना आवश्यक है।
  • शक्तियों के विभाजन के सन्दर्भ में राज्य संविधान सभा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
  • अनुच्छेद 370 को राज्य संविधान सभा की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है अथवा इसमें संशोधन किया जा सकता है।

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