करेंट अफेयर्स एवं हिन्दी समाचार सारांश

इसरो ने GSAT-7A संचार उपग्रह लांच किया

इसरो ने 19 दिसम्बर, 2018 को संचार उपग्रह GSAT-7A लांच किया, इस उगप्रह को श्रीहरिकोटा से लांच किया गया है। इस उपग्रह को भारतीय वायुसेना के लिए लांच किया गया है, इससे वायुसेना के एयरबेस को इंटरलिंक किया जायेगा, इससे वायुसेना के ड्रोन ऑपरेशंस में सहायता मिलेगी।

इस उपग्रह का भार 2,250 किलोग्राम है। इससे KU-बैंड में संचार सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। यह उपग्रह 8 वर्षों तक कार्य करेगा। इस सैटेलाइट को GSLV-F11 लांच व्हीकल से लांच किया गया। यह GSLV-F11 से इसरो का 69वां मिशन था, यह इसरो का चौथी पीढ़ी का लांच व्हीकल है, इसमें तीन चरण होते हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

इसकी स्‍थापना 1969 में की गई। 1972 में भारत सरकार द्वारा ‘अंतरिक्ष आयोग’ और ‘अंतरिक्ष विभाग’ के गठन से अंतरिक्ष शोध गतिविधियों को अतिरिक्‍त गति प्राप्‍त हुई। ‘इसरो’ को अंतरिक्ष विभाग के नियंत्रण में रखा गया। 70 का दशक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में प्रयोगात्‍मक युग था जिस दौरान ‘भास्‍कर’, ‘रोहिणी”आर्यभट’, तथा ‘एप्पल’ जैसे प्रयोगात्‍मक उपग्रह कार्यक्रम चलाए गए।

80 का दशक संचालनात्‍मक युग बना जबकि ‘इन्सेट’ तथा ‘आईआरएस’ जैसे उपग्रह कार्यक्रम शुरू हुए। आज इन्सेट तथा आईआरएस इसरो के प्रमुख कार्यक्रम हैं। अंतरिक्ष यान के स्‍वदेश में ही प्रक्षेपण के लिए भारत का मज़बूत प्रक्षेपण यान कार्यक्रम है। इसरो की व्‍यावसायिक शाखा एंट्रिक्‍स, विश्‍व भर में भारतीय अंतरिक्ष सेवाओं का विपणन करती है। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की ख़ास विशेषता अंतरिक्ष में जाने वाले अन्‍य देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विकासशील देशों के साथ प्रभावी सहयोग है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

फैक्ट शीट : भारत-ज़ाम्बिया सम्बन्ध

हाल ही में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने ज़ाम्बिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से नई दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के सदस्य के रूप में ज़ाम्बिया का स्वागत किया तथा उन्होंने शीघ्र ही अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन फ्रेमवर्क समझौते को पारित किये जाने की उम्मीद जताई।

भारत-ज़ाम्बिया सम्बन्ध

  • भारत और ज़ाम्बिया के बीच सम्बन्ध काफी मैत्रीपूर्ण हैं।
  • 1964 में ज़ाम्बिया की स्वतंत्रता के बाद के भारत ज़ाम्बिया को सबसे पहले मान्यता देने वालों देशों में से एक था।
  • भारत ने विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा जाम्बिया के आर्थिक व तकनीकी विकास में सहयोग किया है।
  • 2010 में भारत ने ज़ाम्बिया की विकास आवश्यकताओं के लिए 75 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन जारी की थी।
  • इसके अतिरिक्त 2010 में भारत में ज़ाम्बिया को स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों की परियोजनाओं के लिए 5 मिलियन डॉलर की ग्रांट प्रदान की थी।
  • भारत ने ज़ाम्बिया को शुल्क मुक्त तथा कोटा मुक्त श्रेणी में शामिल किया है।
  • भारत तकनीकी तथा सहयोग कार्यक्रम के तहत ज़ाम्बिया के सैन्य व असैन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करता है।
  • ज़ाम्बिया ने जम्मू-कश्मीर तथा आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत का समर्थन किया है। ज़ाम्बिया ने 1998 में भारत के परमाणु परीक्षण का समर्थन किया था।
  • ज़ाम्बिया में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है।

2010 में भारत और ज़ाम्बिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 200 मिलियन डॉलर था, दोनों देशों ने इसके बढ़ाकर 1 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा था। भारत से ज़ाम्बिया को दवाएं, परिवहन उपकरण, प्लास्टिक तथा केमिकल उत्पाद निर्यात किये जाते हैं। जबकि भारत ज़ाम्बिया से बहुमूल्य धातुओं, अयस्क तथा कपास इत्यादि का आयत करता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement