अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस

अखिल भारतीय बाघ अनुमान सर्वेक्षण 2018 रिपोर्ट जारी की गयी

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हर साल 29 जुलाई को मनाए जाने वाले वैश्विक बाघ दिवस की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय बाघ अनुमान सर्वेक्षण 2018 की रिपोर्ट जारी की है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • देश में कुल 50 टाइगर रिजर्व हैं, हालांकि उनमें से तीन – डम्पा रिजर्व (मिजोरम), बक्सा रिजर्व (पश्चिम बंगाल) और पलामू रिजर्व (झारखंड) में कोई बाघ नहीं बचा है।
  • उत्तराखंड में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में देश में सबसे अधिक 231 बाघ हैं, इसके बाद क्रमशः कर्नाटक में नागरहोल और बांदीपोरा रिजर्व में 127 और 126 बाघ हैं।
  • सिमलिपाल (ओडिशा), अमराबाद और कवाल (तेलंगाना), नागार्जुनसागर श्री सेलम (आंध्र प्रदेश), संजय-डुबरी (मध्य प्रदेश), नमेरी और मानस (असम), आदि जैसे बाघ अपनी समग्र क्षमता से नीचे बाघ हैं और उन्हें संसाधनों की आवश्यकता है।
  • मध्य प्रदेश में देश में बाघों की सबसे अधिक संख्या 526 है और कर्नाटक में बाघों की संख्या 524  और उत्तराखंड में 442 बाघ हैँ।
  • दुनिया में 13 बाघ श्रेणी के देश हैं – भारत, बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, चीन, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, नेपाल, रूस, थाईलैंड और वियतनाम।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

29 जुलाई : अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित टाइगर समिट से हुई थी। इसका उद्देश्य बाघ के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित करना व बाघ संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाना है।

मुख्य बिंदु

WWF के अनुसार 2016 में विश्व भर में बाघ की जनसँख्या लगभग 3900 है। भारत ने बाघ संरक्षण के लिए काफी सराहनीय कार्य किया है, वर्ष 2006 में केवल 1411 बाघ थे जो 2014 में बढ़कर 2226 हो गये। भारत में प्रत्येक चार वर्ष बाद बाघ की गणना की जाती है।

वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फण्ड फॉर नेचर (WWF)

वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फण्ड फॉर नेचर एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है, यह संगठन वन्य जीवों के संरक्षण के लिए कार्य करता है। इसकी स्थापना 29 अप्रैल, 1961 को की गयी थी। इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के रुए मौवेर्नी में स्थित है। इस संगठन का उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण तथा पर्यावरण पर मानव के प्रभाव को कम करना है। WWF वर्ष1998 से प्रत्येक दो वर्ष बाद लिविंग प्लेनेट रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

Advertisement