अग्नि-III

अग्नि-III बैलिस्टिक मिसाइल का रात्रि परीक्षण असफल

लम्बी दूरी की सतह से सतह तक मार कर सकने वाली बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-III अपने पहले रात्रि परीक्षण में असफल हो गयी है। यह परीक्षण ओडिशा तट के निकट एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में किया गया।

मुख्य बिंदु

पहले चरण के अलग होने के बाद अग्नि-III मिसाइल सागर में जा गिरी। शुरूआती उड़ान में इस मिसाइल ने 115 किलोमीटर की दूरी तय की, उसके बाद मिसाइल अपने मार्ग से भटक गयी।

शुरूआती जांच पड़ताल के अनुसार निर्माण में खामी होने के कारण यह मिसाइल अपने मार्ग से भटक गयी थी। यह परीक्षण भारतीय थल सेना के लिए यूजर ट्रायल के रूप में किया गया था। इस मिसाइल परीक्षण के लिए ट्राजेक्टरी 2800 किलोमीटर निश्चित की गयी थी।

अग्नि-3 मिसाइल

इस मिसाइल का विकास रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया गया है। इस मिसाइल को भारतीय सशस्त्र बल में 2011 में शामिल किया गया था। इस मिसाइल की ज़द में चीन और पाकिस्तान के सभी बड़े शहर आ जाते हैं।

इस मिसाइल में दो चरणों में ठोस प्रोपेलेंट का उपयोग किया गया है, यह पारंपरिक तथा परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। यह मिसाइल 1.5 टन तक के हथियार ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल की ऊंचाई 17 मीटर है, जबकि इसका भार लगभग 50 टन है।

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