अधोसंरचना परियोजनाएं

पर्यावरण व सामाजिक प्रबंधन फ्रेमवर्क (ESMF) का ड्राफ्ट लांच किया गया

हाल ही में एकीकृत तटीय जोन प्रबंधन (ICZM) के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन तथा जलवायु तथा परिवर्तन मंत्रालय ने पर्यावरण व सामाजिक प्रबंधन फ्रेमवर्क (ESMF) नामक ड्राफ्ट लांच किया है। इस ड्राफ्ट प्लान में तटीय क्षेत्रों में संभावित अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए क्लीयरेंस के लिए आवेदन करने से पहले के दिशानिर्देश हैं।

इन दिशानिर्देशों का उपयोग करके तटीय राज्य विभिन्न परियोजनाओं को मंज़ूरी दे सकते हैं तथा उन्हें रेगुलेट कर सकते हैं। इस दस्तावेज़ को सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड कोस्टल मैनेजमेंट द्वारा कियार किया गया है। अब तक केवल तीन राज्यों – गुजरात, ओडिशा और पश्चिम ने विश्व बैंक के सहयोग से एकीकृत तटीय जोन प्रबंधन (ICZM) के लिए योजनायें तैयार की है।

विश्व बैंक

विश्व बैंक का मुख्यालय वाशिंगटन डी. सी. में है। इसकी स्थापना जुलाई 1945 को हुई थी। विश्व बैंक ऋण देने वाली एक ऐसी संस्था है जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों की अर्थ व्यवस्थाओं को एक व्यापक विश्व अर्थव्यवस्था में शामिल करना और विकासशील देशों में ग़रीबी उन्मूलन के प्रयास करना है। इसके कुल 189 सदस्य देश हैं। इसका आदर्श वाक्य “निर्धनता मुक्त विश्व के लिए कार्य करना” है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

केंद्र सरकार ने IIFCL के लिए एशियाई विकास बैंक के साथ किये 300 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर

केंद्र सरकार ने हाल ही में IIFCL (India Infrastructure Finance Company Limited) के लिए एशियाई विकास बैंक के साथ 300 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये। इससे IIFCL की कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। इससे सरकार के अधोसंरचना निर्माण के प्रयास को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य बिंदु

एशियाई विकास बैंक से प्राप्त 300 मिलियन डॉलर से IIFCL द्वारा कम से कम 13 उप-परियोजनाओं को फंड्स दिए जायेंगे। इसमें सड़क, नवीनकरणीय उर्जा उत्पादन इत्यादि कार्य शामिल है। इससे केंद्र सरकार द्वारा देश में अधोसंरचना परियोजनाओं को गति दी जा सकेगी। इसके लिए निजी क्षेत्र का योगदान भी महत्वपूर्ण रहेगा।

India Infrastructure Finance Company Limited (IIFCL)

IIFCL की स्थापना वर्ष 2006 में की गयी थी, इसकी स्थापना का प्रमुख उद्देश्य अधोसंरचना परियोजनाओं को दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध करवाना था। IIFCL के द्वारा वाणिज्यिक रूप से संभव परियोजनाओं को ऋण प्रदान किये जाते हैं। यह ऋण सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, निजी कंपनी तथा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत चुनी गयी निजी क्षेत्र की कंपनी को प्रदान किया जा सकता है। IIFCL घरेलु तथा बाह्य स्त्रोतों से फंड्स प्राप्त करता है।

IIFCL द्वारा समर्थित परियोजनाएं

  • उर्जा
  • वेयरहाउस
  • गैस पाइपलाइन
  • कोल्ड स्टोरेज श्रृंखला
  • उर्वरक निर्माण उद्योग
  • विशेष आर्थिक क्षेत्र में अधोसंरचना परियोजनाएं।
  • अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र तथा अन्य पर्यटन सम्बन्धी अधोसंरचना परियोजनाएं।
  • सड़क, पुल, बंदरगाह, रेलवे, एअरपोर्ट, अंतर्देशीय जलमार्ग तथा अन्य परिवहन परियोजनाएं।
  • शहरी यातायात, जल आपूर्ति, सीवेज, ठोस कचरा प्रबंधन तथा शहरी क्षेत्र में अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

Advertisement